बैंकों ने कोर्ट में कहा, हम नीरव मोदी की कंपनी का पैसा रिलीज नहीं कर सकते
नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार इंटरनेशनल लिमिटेट से पैसा रिलीज करने में दोनों बैंक असमर्थ हैं। दरअसल तीन बैंकों की ओर से याचिका दायर करके कहा गया था कि हमे अभी भी 37 करोड़ रुपए की राशि कंपनी की ओर से नहीं मिल सकी है, जिसे

पीएमएलए स्पेशल कोर्ट में दो बैंकों की ओर से कहा गया है कि वह भगोड़े व्यापारी नीरव मोदी के अकाउंट से पैसे नहीं रिलीज कर पा रहे हैं। नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार इंटरनेशनल लिमिटेट से पैसा रिलीज करने में दोनों बैंक असमर्थ हैं। दरअसल तीन बैंकों की ओर से याचिका दायर करके कहा गया था कि हमे अभी भी 37 करोड़ रुपए की राशि कंपनी की ओर से नहीं मिल सकी है, जिसे कर्ज की वसूली के तौर पर दिया जाना था। गौर करने वाली बात है कि इसके लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की ओर से लिक्विडेटर यानि परिसमापक को नियुक्त किया गया था।
आसान भाषा में अगर आपको यह मामला समझाएं दोनों बैंक में नीरव मोदी की कंपनी की ओर से पैसा जमा कराया गया था ताकि इससे बकाया भुगतान कराया जा सके। लेकिन बैंकों के पास जब यह पैसा आया तो बैंकों ने इस पैसे अपना कर्ज चुका लिया और इसे रिलीज करने से मना कर दिया। एफिडेविट के अनुसार कंपनी ने 2.67 करोड़ रुपए कोटक महिंद्रा बैंग में जमा किए थे, 17.98 करोड़ रुपए यूनियन बैंक और 16.32 करोड़ रुपए बैंक ऑफ महाराष्ट्र में जमा किए थे।
13 अगस्त 2021 में कोर्ट ने बैंकों को निर्देश दिया था कि वह पैसे को लिक्विडेटर के पक्ष में रिलीज करें। लेकिन जब अधिकारी बैंक पहुंचे तो बैंक ने ऐसा करने से मना कर दिया। गुरुवार को कोटक महिंद्रा बैंक की ओर से कहा गया कि कंपनी के अकाउंट को पहले आयकर विभाग ने अटैच किया, उसके बाद ईडी ने अटैच कर दिया, जोकि मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है। आयकर विभाग ने 21 फरवरा 2021 को नोटिस जारी करते हुए कहा था कि फायरस्टार इंटरनेशनल लिमिटेड विभाग के बकाए को अदा करे।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र की ओर से कहा गया है कि बैंक में जो पैसा जमा कराया गया था उसे लोन अकाउंट में सेटल कर लिया गया है। लिक्विडेटर का कहना है कि बैंक को यह पैसा बिना कोर्ट की अनुमति के इस पैसे को छूना नहीं चाहिए था। इस मामले की सुनवाई 23 फरवरी को होनी है।












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