'बांग्लादेश की अंतरिम सरकार कट्टरपंथी, हिंदू विरोधी', सुवेंदु अधिकारी ने की मोहम्मद यूनुस की खिंचाई
बांग्लादेश में इस्कॉन मंदिर के पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी की गिरफ्तारी के बाद भारत पड़ोसी देश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोम्मद यूनुस की कड़ी निंदा हो रही है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की। वहीं नेता प्रतिपक्ष सुवेंदू अधिकारी ने पड़ोसी देश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस को निशाने पर लिया। उन्होंने हिंदुओं पर हमले पर मोहम्मद यूनुस को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा है कि बांग्लादेश की नई सरकार हिंदुओं के प्रति जिस तरह का रवैया अपना रही है, वो निंदनीय है।
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की मौजूदा स्थिति पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदू अधिकारी ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "यह (बांग्लादेश सरकार) एक कट्टरपंथी सरकार है, एक चरमपंथी सरकार है और एक हिंदू विरोधी सरकार है। वे मंदिरों को नष्ट करने और हिंदू साधु-संतों को अवैध रूप से हिरासत में रखने की कोशिश कर रहे हैं।"

दुनियाभर में हिंदू संगठनों के मंदिरों की बात करें तो इस्कॉन (International Society for Krishna Consciousness) और स्वामी नारायण सबसे ऊपर हैं। जबकि संख्या की दृष्टि से पूरे विश्व में स्वामी नारायण संप्रदाय के करीब 1200 मंदिर हैं। वहीं इस्कॉन के 1000 हैं। इस्कॉन के पास 650 शिक्षा केंद्र भी हैं। इसके अलावा इस्कॉन के मंदिर पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी हैं, जहां स्वामी नारायण संप्रदाय नहीं पहुंचा है। इस्कॉन शाकाहार, गो पूजा और कृष्ण के लिए समर्पित है।
इस्कॉन संगठन की शुरुआत भले एक बंगाली साधू एसी भक्ति वेदांत स्वामी प्रभुपाद द्वारा शुरू किया गया हो लेकिन इनके मंदिरों में बंगालियों के भोजन की जांच कड़ाई से होती है। उन्हें संदेह रहता है कि बंगाली मछली या अंडा तो खाएगा ही, इस्कॉन के मुख्यालय मायापुरी, पश्चिम बंगाल में आने वाले बंगाली श्रद्धालुओं की तलाशी ली जाती है, ताकि मांसाहार पर प्रतिबंध लगाया जा सके।
इस्कॉन का फैलाव ही उसका शत्रु
स्वामी नारायण का संगठन अमेरिका और कनाडा में खूब फैला है। इस्लामिक देशों में पहला मंदिर अबू धाबी में कुछ वर्ष पहले बना था। इस्कॉन अन्य धर्मों के लोगों को अपने कृष्ण चेतना संगठन में शामिल करवाता है। असंख्य अमेरिकन और अफ्रीकन धोती-कुर्त्ता पहन कर इस्कॉन के अनुयायी बन गए हैं।
कृष्ण भक्ति की जो चेतना इस्कॉन ने फैलाई है, वैसी किसी और हिंदू संगठन ने नहीं। बांग्लादेश में ढाका, मेमन सिंह, राजशाही, रंगपुर, खुलना, बारिसाल, चटोग्राम और सिलहट में इस्कॉन मंदिर हैं। इस्कॉन का नेटवर्क वहां बहुत अधिक फैला हुआ है। बांग्लादेश की मौजूदा सरकार को लगता है कि इस्कॉन के पास बहुत संपत्ति है इसलिए उसने इस्कॉन मंदिर और उनके पदाधिकारियों के खाते भी सीज कर कर दिए हैं।












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