Bagda Result 2026: BJP से ननद सोमा ने TMC की भाभी मधुपर्णा को दी पटखनी! कैमरे के आगे रोईं- ‘EVM हैक’
Bagda Chunav Result 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना सोमवार 4 मई को सुबह 8 बजे शुरू हुई और दोपहर तक BJP ने राज्य की सियासी तस्वीर पलट दी। शुरुआती रुझानों में BJP 194 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि TMC सिर्फ 93 सीटों पर सिमट गई है। बहुमत का आंकड़ा 148 है, यानी BJP बहुमत की दहलीज पर पहुंच चुकी है। फाल्टा सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान होना है, लेकिन बाकी 293 सीटों पर गिनती तेजी से चल रही है।
इसी बीच बागदा (SC) सीट पर एक बड़ा ड्रामा छिड़ गया। BJP की सोमा ठाकुर 22 राउंड में से 16 राउंड की गिनती के बाद 89,324 वोट (+28,333 की लीड) के साथ आगे हैं, जबकि TMC की मधुपर्णा ठाकुर सिर्फ 60,991 वोट पर सिमट गई हैं। मधुपर्णा ने तुरंत EVM हैकिंग का आरोप लगा दिया।

उन्होंने कहा कि मुस्लिम बूथों पर TMC का पीछे रहना नामुमकिन है। यह EVM हैक होने का सबूत है। मैं डोर-टू-डोर कैंपेन कर रही थी, लोगों का रिस्पॉन्स यह नहीं था। जहां मैंने ब्रिज बनवाई, वहां 150 वोटों का नुकसान हुआ। इसका जवाब जरूर मिलेगा।' PTI ने उनका वीडियो शेयर किया, जो वायरल हो गया। यह आरोप सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि TMC के लिए बड़े उलटफेर का प्रतीक है। ममता बनर्जी की पार्टी 15 साल की सत्ता के बाद बैकफुट पर है। आइए समझते हैं कि बागदा में क्या हो रहा है और मधुपर्णा ठाकुर आखिर कौन हैं?
बागदा सीट पर कांटे की टक्कर: BJP की सोमा vs TMC की मधुपर्णा
बागदा (SC) सीट नॉर्थ 24 परगना जिले में मटुआ बहुल इलाका है। यहां SC वोटरों की संख्या भारी है और मटुआ समुदाय (नागरिकता, वोटर लिस्ट) के मुद्दे हमेशा हावी रहते हैं। 16 राउंड की गिनती में BJP की सोमा ठाकुर ने भारी बढ़त बना ली है। TMC की मधुपर्णा ठाकुर ने इसे 'EVM हैक' बताते हुए कहा कि मुस्लिम बूथों पर उनका प्रदर्शन इतना खराब होना असंभव है। उन्होंने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि EVM जिस हिसाब से हैक हुआ है, यह पब्लिक का रिस्पॉन्स नहीं है। मैं जहां ब्रिज बनाई हूं, वहां 150 वोटों का लॉस है। इसका हिसाब सही से होगा।' यह बयान TMC कार्यकर्ताओं में खलबली मचा गया है।
Who Is Madhuparna Thakur: मधुपर्णा ठाकुर कौन हैं? TMC की 26 साल की सबसे युवा चेहरा
मधुपर्णा ठाकुर (उम्र 26 वर्ष) TMC की उभरती हुई युवा नेता हैं। वे 2024 के उपचुनाव में बागदा से जीती थीं और पश्चिम बंगाल की सबसे युवा MLA बनी थीं। उस समय उनकी उम्र महज 25 वर्ष थी। उन्होंने TMC टिकट पर बिस्वजीत दास की जगह ली और भारी मतों से जीत दर्ज की।
मधुपर्णा प्रभावशाली ठाकुरबाड़ी परिवार से आती हैं कि मटुआ समुदाय की 'पहली परिवार' मानी जाती है। उनकी मां ममता बाला ठाकुर राज्यसभा सांसद और TMC की वरिष्ठ नेता हैं। 2026 चुनाव में उनका मुकाबला अपनी ही भाभी सोमा ठाकुर (BJP उम्मीदवार) से हुआ। सोमा ठाकुर केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर की पत्नी हैं। इस वजह से बागदा की लड़ाई 'फैमिली फ्यूड' बन गई।
Madhuparna Thakur Political Career: मधुपर्णा ठाकुर का सियासी सफर कैसा?
- ग्रेजुएट (B.Sc Zoology)
- पेशा: सोशल वर्कर
- संपत्ति: करीब ₹55.5 लाख (कोई ऋण नहीं)
- शपथपत्र के मुताबिक 3 आपराधिक मामले दर्ज (5 गंभीर IPC)
मधुपर्णा खुद को ग्राउंड-लेवल नेता बताती हैं। मटुआ समुदाय के नागरिकता और वोटर लिस्ट मुद्दों पर वे सक्रिय रहीं। चुनाव के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कई मटुआ वोटरों के नाम सूची से हटा दिए गए।
BJP की बढ़त: 194 सीटों पर आगे, TMC 93 पर सिमटी
पूरे राज्य में BJP ने जबरदस्त बढ़त बनाई है। शुरुआती रुझानों में BJP 194 सीटों पर आगे है, TMC 93 पर। यह ममता बनर्जी सरकार के लिए बड़ा झटका है। जंगल महल, उत्तर बंगाल और मटुआ बहुल इलाकों में BJP की लहर साफ दिख रही है। मधुपर्णा का EVM आरोप इसी बड़े उलटफेर के बीच आया है। TMC अब कह रही है कि 'नतीजे जनता के रिस्पॉन्स से मेल नहीं खा रहे'।
नंनद बनाम भाभी की बागदा लड़ाई?
बागदा (SC) सीट मटुआ समुदाय का गढ़ है। मटुआ वोट बैंक बंगाल राजनीति का गेमचेंजर माना जाता है। 2024 उपचुनाव में मधुपर्णा ने BJP को हराया था, लेकिन 2026 में परिवार की अंदरूनी लड़ाई ने मुकाबला रोचक बना दिया। सोमा ठाकुर (BJP) बनाम मधुपर्णा ठाकुर (TMC) यानी भाभी बनाम नंनद की है। मधुपर्णा ने चुनाव में मटुआ वोटरों को जोड़ने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती रुझान BJP के पक्ष में हैं।
आपको बता दें कि, सोमा ठाकुर, केंद्रीय मंत्री और बनगांव के सांसद शांतनु ठाकुर की पत्नी है। वहीं, मधुपर्णा, टीएमसी विधायक और राज्यसभा सदस्य ममता बाला ठाकुर की बेटी हैं। दोनों एक ही 'ठाकुरबाड़ी' (Matua) परिवार से आती हैं, जो पश्चिम बंगाल के मटुआ समुदाय में बेहद प्रभावशाली माना जाता है।
EVM विवाद: बंगाल में पुरानी बहस नई सिर उठाई
EVM हैकिंग का आरोप बंगाल में नया नहीं है। TMC पहले भी कई बार यह दावा कर चुकी है। मधुपर्णा का बयान इसी लाइन पर है। उन्होंने कहा, 'मुस्लिम बूथों पर TMC का पीछे रहना नामुमकिन है।' हालांकि चुनाव आयोग EVM को पूरी तरह सुरक्षित बताता है।
आगे क्या? बंगाल की सियासी तस्वीर बदलने वाली है?
अगर BJP की बढ़त बनी रही तो 15 साल बाद ममता सरकार का अंत हो सकता है। बागदा जैसी सीटों पर परिवारिक रिश्तों की लड़ाई ने चुनाव को और दिलचस्प बना दिया। मधुपर्णा की उम्र सिर्फ 26 साल है, लेकिन वे अब 'EVM हैक' विवाद की चेहरा बन चुकी हैं। मतगणना जारी है। हर राउंड के साथ तस्वीर बदल सकती है। फाल्टा सीट पर 21 मई को दोबारा वोटिंग होगी। यह चुनाव सिर्फ 293 सीटों का नहीं, बल्कि बंगाल की सत्ता और मटुआ वोट बैंक की लड़ाई है। मधुपर्णा ठाकुर का EVM आरोप और परिवारिक मुकाबला पूरे राज्य की नजर में है।













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