Babul Supriyo: 'BJP ने बर्बाद किया मेरा करियर', बाबुल सुप्रियो ने क्यों कहा-PM मोदी को नुकसान का डर था?
Babul Supriyo: लोकप्रिय फिल्म 'कहो ना प्यार है' के सुपरहिट गीत 'दिल ने दिल को पुकारा' गाकर लोगों के दिलों में खास जगह बनाने वाले मशहूर गायक और राजनेता बाबुल सुप्रियो ने बीजेपी और पीएम मोदी को लेकर कुछ ऐसा कहा जिस पर बवाल मच सकता है। इंडिया टुडे से बात करते हुए टीएमसी नेता बाबुल ने कहा कि 'बीजेपी सरकार में मंत्री रहते हुए उनकी गायकी पर 'एक तरह से प्रतिबंध' लग गया था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्टेज पर उनका प्रदर्शन पसंद नहीं था, जिससे उनका पूरा गायन करियर रुक गया था।'
आपको बता दें कि साल 2021 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) जॉइन करने के बाद उन्होंने अपनी संगीत यात्रा दोबारा शुरू की है। अपने इंटरव्यू में बाबुल ने कहा कि 'साल 2014 में राजनीति में प्रवेश करते समय उन्हें लगा था कि संगीत और समाजसेवा साथ-साथ चलेंगे लेकिन मंत्री बनने पर हालात बदल गए, बीजेपी को लगता था कि मेरे स्टेज पर परफार्म करने से पार्टी का गलत प्रभाव लोगों पर पड़ेगा।'

उन्हें लगता है कि 'मंत्रिमंडल का कोई सदस्य स्टेज पर नाच-गा रहा है या विदेश में परफॉर्म कर रहा है, तो इससे उनकी इमेज को नुकसान होगा फिर आपको उनकी बात माननी ही होगी, मैंने परफॉर्म करना बंद कर दिया था लेकिन प्रदर्शन बंद होने से मेरी संगीत के प्रति उनकी भूख और बढ़ गई, मैं परेशान रहने लगा था।'
बीजेपी में मुझे अपेक्षित पहचान नहीं मिली: Babul Supriyo
सुप्रियो ने बताया कि 'वे सत्ता के लिए नहीं, बल्कि अटल बिहारी वाजपेयी और सुनील दत्त जैसे दिग्गजों से प्रेरित होकर राजनीति में आए थे लेकिन बीजेपी में अपेक्षित पहचान न मिलने के कारण उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया।'
'ममता दीदी खुद दिल से एक कलाकार हैं'
उन्होंने आगे कहा कि 'साल 2021 में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमएसी जुड़ने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई, ममता दीदी खुद एक कलाकार हैं, वह लिखती हैं, गाती हैं और पेंटिंग भी करती हैं इसलिए उनके मन में हर कलाकार के लिए बहुत सम्मान है। जब मैं टीएमसी में आया तो उन्होंने मुझसे साफ कहा कि 'बाबुल कोई टेंशन मत लो, तुम खुलकर गाओ, हमें कोई आपत्ति नहीं है' मैं यहां बहुत खुश हूं और आने वाले दस साल मैं केवल संगीत को देना चाहता हूं।' मालूम हो कि बाबुल सुप्रियो टीएमसी कोटे से इस वक्त राज्यसभा सांसद हैं।
कौन हैं बाबुल सुप्रियो? कैसा रहा अब तक का सफर?
15 दिसंबर 1970 को कोलकाता में जन्मे बाबुल सुप्रियो लोकप्रिय गायक, टेलीविज़न होस्ट, अभिनेता और राजनेता हैं, उन्होंने 2024 से 2026 तक पश्चिम बंगाल सरकार में सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स के कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया। वे 16वीं और 17वीं लोकसभा में आसनसोल से सांसद चुने गए थे और साथ ही केंद्रीय मंत्रिपरिषद में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने 19 अक्टूबर 2021 को आधिकारिक तौर पर सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था और 16 अप्रैल 2022 को बालीगंज विधानसभा सीट से पश्चिम बंगाल विधानसभा के सदस्य के रूप में चुने गए थे।
Babul Supriyo को 'दिल ने दिल को पुकारा' गाने से मिली थी लोकप्रियता
सिंगिग करियर की बात करें तो उन्हें सफलता साल 2000 में 'कहो ना... प्यार है' में 'दिल ने दिल को पुकारा' गाने से मिली,उनके कुछ अन्य लोकप्रिय हिंदी सिनेमा गाने हैं "परी परी है एक परी" (हंगामा), 'हम तुम' (हम तुम) और 'चंदा चमके' (फना)। उन्होंने बालाजी टेलीफिल्म्स धारावाहिकों के शुरुआती शो में भी अपनी आवाज दी है।












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