पद ना छोड़ने पर अड़े उत्तराखंड के राज्यपाल कुरैशी
देहरादून। नरेंद्र मोदी सरकार में दबावश राज्यपालों का पद लिए जाने की खबरें अभी शांत नहीं हुईं हैं। नई दिल्ली के दो दिनी दौरे और इस्तीफा नहीं देने का एलान करने के बाद उत्तराखंड के गवर्नर डॉ. अजीज कुरैशी बुधवार को देहरादून लौट आए।

- यहां पहुंचने पर राज्यपाल डॉ. कुरैशी ने साफ कि वह अपने पद से इस्तीफा देने वाले नहीं हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश का राज्यपाल रहते हुए जौहर विश्वविद्यालय को मंजूरी देने को इस्तीफा लेने का आधार बनाने के मामले को मुद्दा बनाने का भी इशारा किया।
- कांग्रेसी पृष्ठभूमि के राज्यपाल को बदलने की चर्चाओं के बीच कुरैशी को नई दिल्ली बुलाया गया था। दिल्ली पहुंचकर राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी ने केंद्रीय गृह सचिव की ओर से उनका इस्तीफा मांगने की पुष्टि की, साथ में इस्तीफा मांगने के इस तरीके पर कड़ा ऐतराज जताते हुए साफ इंकार भी कर दिया।
- बताया जा रहा है कि दिल्ली दौरे के दौरान कई दिग्गज कांग्रेस नेताओं के संपर्क में भी रहे। डॉ. कुरैशी के रुख ने सियासत को गरमा दिया। दौरे के बाद बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे राज्यपाल राजभवन लौटे व अपनी राय खुलकर ज़ाहिर कर दी।
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वहीं एक चौंकाने वाली खबर यह भी है कि सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद गहलोत ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया को पद छोड़ने का सुझाव दिया है। गहलोत का कहना है कि आयोग के अध्यक्ष पद पर पुनिया की नियुक्ति संप्रग सरकार के आखिरी दिनों में हुई थी, इसलिए उन्हें यह पद अब दे देना चाहिए। हालांकि इस तरह की कार्रवाई से भाजपा सरकार की साख में गिरावट आ सकती है और न्यायपालिका भी इस मामले में दखल दे सकती है।












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