प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स न करने की सलाह देनेवाली बुकलेट पर आयुष मंत्रालय की सफाई
आयुष मंत्रालय ने सफाई देते हुए कहा है कि बुकलेट में कहीं भी नो सेक्स नहीं लिखा है। मीडिया ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया है।
दिल्ली। आयुष मंत्रालय ने उस बुकलेट पर अपनी सफाई पेश की है जिसमें कथित तौर पर यह लिखा गया है कि गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ बच्चे को जन्म देने के लिए गर्भवास्था के दौरान सेक्स से दूर रहना चाहिए, दीवार पर सुंदर तस्वीरें टांगनी चाहिए और नॉन वेज खाना बंद कर करना चाहिए। मंत्रालय ने कहा है कि इस बारे में मीडिया में आई रिपोर्टें सही नहीं हैं और उसमें तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।

आयुष मंत्रालय ने मीडिया रिपोर्टों को कहा गलत
आयुष मंत्रालय ने सफाई देते हुए बयान में कहा, 'प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की रिपोर्टों में आयुष मंत्रालय के अधीन स्वायत्त इकाई सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्ज इन योगा एंड नेचुरोपैथी के प्रकाशन से संबंधित जो भी बातें कही गई हैं वे सही नहीं हैं और तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है।

"बुकलेट में कहीं नो सेक्स की बात नहीं लिखी'
मंत्रालय ने प्रेग्नेंसी के दौरान नो सेक्स पर भी सफाई देते हुए कहा कि बुकलेट में यह शब्द कहीं लिखा ही नहीं है। मंत्रालय का कहना है कि मीडिया ने बुकलेट के पेज नंबर 14 पर दी गई बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया है।

'मीडिया ने तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा'
मंत्रालय ने बयान में कहा, 'पेज नंबर 14 पर यह लिखा है कि गर्भावस्था के दौरान चाय, कॉफी, मैदा से बनी चीजें, तले-भुने खाद्य पदार्थ और नॉन वेज से दूर रहना चाहिए। इसमें नॉन वेज को तो मीडिया को मीडिया ने छांटकर निकाला, बाकी चाय, कॉफी, मैदा और अन्य चीजों का जिक्र ही नहीं किया। योगा और नेचुरोपैथी में वैसे भी नॉन वेज खाने की मनाही की गई है।'












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