• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Ayodhya Case Verdict:कौन हैं वो 5 जज जो सुनाएंगे अयोध्या मामले पर ऐतिहासिक फैसला

|

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ऐतिहासिक फैसला सुनाने जा रही है। शनिवार को अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। लंबे वक्त से इस अयोध्या विवाद की बहस चल रही है। अब जाकर इस मामले में सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। इस फैसले से पहले 40 दिनों तक लगातार बहस चली। बहस के दौरान कोर्ट में हिंदू और मुस्लिम पक्षकारों की ओर से तीखी बहस हुई। लंबी बहस के बाद आज इस मामले पर फैसला आने वाले है। इस ऐतिसाहिक फैसले पर देशभर की निगाहें टिकी है। आज सुबह साढ़े 10 बजे देश के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में पांच जजों की संविधान पीठ ने इस मामले में अपना फैसला सुनाएगी। फैसले से पहले इन पांचो न्यायाधीशों की सुरक्षा बढ़ा दी गई। हम आपको उन पांचों जजों से मिलवाते हैं तो अयोध्या विवाद मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाएगें।

 चीफ जस्टिस रंजन गोगोई

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई

देश के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई अयोध्या मामले में 5 जजों की बैंच का इस पीठ की अगुवाई कर रहे हैं। 18 नवंबर, 1954 को जन्मे जस्टिस रंजन गोगोई ने 1978 में बार काउंसिल ज्वाइन की थी। इसके बाद 2010 में उन्हें पंजाब, हरियाणा का जज बनाया गया। इसके एक साल बाद दी वो पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बन गए। साल 2012 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट में जज बनाया गया। रंजन गोगोई ने 3 अक्टूबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट के 46वें मुख्य न्यायाधीश की शपथ ली। 17 नवंबर को वो रिटायर्ड हो रहे हैं। सेवानिवृत्ति से पहले वो ऐतिहासिक अयोध्या मामले पर फैसला देंगे। अयोध्या केस के फैसले के अलावा उन्होंने NRC और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त करने जैसी याचिकाओं पर भी सुनवाई की है।

जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े

जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े

इस केस की सुनवाई कर रही पांच जजों की बेंच में एक जज जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े भी है। जस्टिस एसए बोबड़े ने साल 1978 में काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र को ज्वाइन किया था। साल 1998 में वो वरिष्ठ वकील बने। उन्हें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बनाया गया। साल 2013 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया। जस्टिस बोबड़े 23 अप्रैल, 2021 को रिटायर होंगे। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की सेवानिवृत्ति के बाद जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े देश के अगले मुख्य न्यायाधीश बनेंगे।

 जस्टिस अशोक भूषण

जस्टिस अशोक भूषण

जस्टिस अशोक भूषण उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई पूरी की थी। वो साल 1979 में यूपी बार काउंसिल में का हिस्सा बने। उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट में कई पदों पर काम किया। फिर साल 2001 में उन्हें जज नियुक्त किया गया। साल 2015 में वह केरल हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बने। इसके बाद साल 2016 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट में जज बनाया गया।

 जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़

जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ जज से पहले देश के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल रह चुके हैं। उन्होंने सबरीमाला, भीमा कोरेगांव, समलैंगिकता समेत कई बड़े मामलों में बनी पीठ का हिस्सा रह चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट से पहले वो इलाहाबाद हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस और बॉम्बे हाई कोर्ट में भी वह बतौर जज रह चुके हैं। उनके पिता जस्टिस यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ भी सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं।

जस्टिस अब्दुल नज़ीर

जस्टिस अब्दुल नज़ीर

अयोध्या मामले में बनी बेंच में जस्टिस अब्दुल नजीर भी शामिल है। साल 1983 में उन्होंने वकालत शुरू की। उन्होंने कर्नाटक हाईकोर्ट में एडिशनल जज और परमानेंट जज बनाया गया। फिर 17 फरवरी, 2017 में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में वकालत शुरू कर दी । कास बात ये कि जस्टिस अब्दुल नजीर बिना किसी हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस बने, सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाले तीसरे जज बन गए। वो साल 2017 में ट्रिपल तलाक पर सुनवाई करने वाली बेंच का भी हिस्सा रह चुके हैं।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Ayodhya Case Verdict: Know All about the Five Judge of SC who will give historical decision On Ayodhya Case Ram Janmabhoomi Babri Masjid case
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X