राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मालिकाना विवाद पर आज SC करेगा सुनवाई, नई बेंच का हो सकता है गठन
नई दिल्ली। लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में लंबित अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद पर सुनवाई की उम्मीद जगी है। शुक्रवार (4 जनवरी) को सुप्रीम कोर्ट में मामला लगा है जिसमें मुख्य अपीलों पर सुनवाई की तिथि तय हो सकती है। सुनवाई में अयोध्या की जमीन के विवाद पर फैसला होना है। सीजीआई रंजन गोगई और एसके कॉल की बेंच में इस मुद्दे पर सुनवाई चल रही है। उम्मीद की जा रही है कि शुक्रवार को होने वाली सुनवाई में अयोध्या केस के लिए नई बेंच का गठन हो सकता है।

बता दें इसी साल अक्टूबर महीने में सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मुद्दे पर सुनवाई हुई थी। उस दौरान कोर्ट ने जनवरी में सुनवाई करने की बात कही थी। सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद भूमि के मालिकाना हक विवाद मामले में लगाई गई दीवानी याचिका को अगले साल जनवरी के पहले हफ्ते तक टाल दिया था। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद पर तीन मिनट सुनवाई हुई।
इस मामले को तीन महीने तक के लिए टाल दिया गया। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को होने वाली सुनवाई पर सबकी निगाहें लगी हैं क्योंकि हाल ही में प्रधानमंत्री ने एक साक्षात्कार में कहा था कि मामला कोर्ट में लंबित रहने तक अयोध्या मसले पर अध्यादेश नहीं लाया जाएगा। दूसरी ओर संघ परिवार और साधू समाज सुनवाई में हो रही देरी के आधार पर अयोध्या में मंदिर बनवाने के लिए अध्यादेश लाने की मांग पर अड़ा है।
संघ का अपना मत
नागपुर में एक कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, 'हमारी भगवान राम में आस्था है और अयोध्या में राम मंदिर ही बनना चाहिए ऐसा मजबूत विश्वास है।' आपको बता दें कि भैयाजी जोशी ने राम मंदिर को लेकर पीएम मोदी के बयान के बाद मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि आरएसएस अपने रवैये पर अडिग है कि अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए कानून पारित किया जाए।
उन्होंने कहा कि उन्हें पीएम मोदी के बयान के बारे में नहीं पता है लेकिन देश में हर कोई चाहता है कि राम मंदिर का निर्माण हो। पत्रकारों से बातचीत में भागवत ने साफ कहा कि वह आरएसएस महासचिव भैयाजी जोशी के बयान का समर्थन करते हैं, जो प्रधानमंत्री के इंटरव्यू के बाद आया था।












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