खालिस्तान, भारतीय अर्थव्यवस्था से लेकर कई मुद्दों पर बोले ऑस्ट्रेलियाई PM, प्रधानमंत्री मोदी ने रखी ये मांग
Australia Pm Anthony Albanese: पीएम मोदी और एंथनी अल्बनीज ने शुक्रवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता की। पीएम मोदी ने एंथनी अल्बनीज के साथ ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर हमले का मुद्दा उठाया।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस (Anthony Albanese) चार दिवसीय यात्रा पर भारत आए हैं। आज उनकी यात्रा का तीसरा दिन है। आज उनका राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने दिल्ली के हैदराबाद (Hyderabad) हाउस में द्विपक्षीय व प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। वार्ता के बाद संयुक्त वक्तव्य के दौरान प्रधानमंत्री ने हिन्दू मंदिरों पर हमले से जुड़े मुद्दे पर हुई चर्चा की जानकारी दी। वहीं ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने भी खालिस्तान, भारतीय अर्थव्यवस्था और जलवायु परिवर्तन जैसे कई मुद्दों पर बात की।
पीएम मोदी की चिंता पर ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने दिया भरोसा
सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में हिंदू मंदिर (Hindu Temple) पर हमले को लेकर चिंता जताई और कार्रवाई की मांग की। पीएम मोदी ने खालिस्तानियों की गतिविधियों पर भी चिंता जताई। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसी घटनाओं से सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था पर विपरीत असर पड़ता है वहीं आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस (Anthony Albanese) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को भरोसा दिलाया है कि उनके देश में मंदिरों(Hindu Temple) पर हमले और खालिस्तान समर्थक तत्वों की गतिविधियों के संबंध में वहां के कानूनों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस संबंध में भारत की चिंताओं पर सहमति जताई।
भारतीय अर्थव्यवस्था पर बोले ऑस्ट्रेलियाई पीएम
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस (Anthony Albanese) ने कहा कि भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और फिर भी इसे अभी भी एक विकासशील राष्ट्र के रूप में वर्गीकृत किया गया है। भारत को बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है, वे जलवायु परिवर्तन का समाधान ला सकते हैं।
हमारी अर्थव्यवस्थाएं पूरक: प्रधानमंत्री अल्बनीस
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री अल्बनीस ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्थाएं पूरक हैं। हम लोकतंत्र, शांति और सुरक्षा के मूल्यों को साझा करते हैं। पीएम मोदी, विदेश मंत्री जयशंकर ने चर्चा की कि हमें इंडो-पैसिफिक में एक साथ अपनी उपस्थिति बढ़ानी चाहिए और हम कुछ प्रशांत द्वीप राष्ट्रों के लिए अवसर कैसे प्रदान करते हैं।












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