आत्मनिर्भर भारत: देश में बने INS मोरमुगाओ से दागी गई स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल, टारगेट तबाह
ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण आईएनएस मोरमुगाओ से हुआ है। इससे नौसेना की क्षमता में इजाफा हुआ।

भारतीय नौसेना 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में तेजी से काम कर रही, जहां रविवार को आईएनएस मोरमुगाओ से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। ये पूरी तरह से सफल रहा, जहां मिसाइल ने लक्ष्य को तबाह कर दिया।
खास बात ये है कि आईएनएस मोरमुगाओ और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल दोनों ही भारत में विकसित हैं। अब इस परीक्षण के साथ भारतीय नौसेना की मारक क्षमता मजबूत हो गई। जिसका फायदा पाकिस्तान और चीन के साथ लगती जल सीमाओं में मिलेगा।
ये है युद्धपोत की खासियत
आईएनएस मोरमुगाओ युद्धपोत की लंबाई 163 मीटर, चौड़ाई 17 मीटर और वजन 7400 टन है। इस युद्धपोत में चार शक्तिशाली गैस टर्बाइन लगी हैं, जिनकी मदद से यह जंगी जहाज 30 समुद्री मील से अधिक की रफ्तार से चल सकता है।
इस युद्धपोत का सबसे बड़ा प्लस प्वाइंट ये है कि इस पर ब्रह्मोस और बराक-8 जैसी मिलाइलों को तैनात किया जा सकता है। इसके अलावा इसमें आधुनिक रडार एमएफ-स्टार लगा है, जो दुश्मन के पोत को तुरंत पता लगाकर वार कर सकता है।
नौसेना के मुताबिक इस युद्धपोत में लगीं मिसाइलें आसमान में उड़ते विमान पर 70 किलोमीटर और जमीन या समुद्र पर मौजूद लक्ष्य पर 300 किलोमीटर दूर से निशाना लगाने में सक्षम हैं। इस पर 127 मिलीमीटर गन और एके-630 एंटी मिसाइल गन सिस्टम भी है।
किसने किया निर्माण?
आईएनएस मोरमुगाओ को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएसएल) ने बनाया है। कई दौर के परीक्षण के बाद इसे 18 दिसंबर 2022 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। इसका नाम गोवा के प्रमुख बंदरगाह के नाम पर रखा गया है।
क्या है ब्रह्मोस की खासियत?
ब्रह्मोस भारत की सबसे हाईटेक मिसाइल है, जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। ये 300-500 किमी की दूरी तक मार करने में सक्षम है। बात करें रेंज की तो ये इसके लॉन्चिंग के तरीके पर निर्भर है।












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