Atal Bihari Vajpayee Birth Anniversary: अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़े इन 10 किस्सों को शायद ही जानते होंगे आप
Atal Bihari Vajpayee Birth Anniversary: अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़े इन 10 किस्सों को शायद ही जानते होंगे आप
Atal Bihari Vajpayee Birth Anniversary 2020: अटल बिहारी वाजपेयी की आज जयंती है। इस मौके पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को हम सिर्फ एक राजनेता के तौर पर नहीं बल्कि , कवि, पत्रकार, और एक प्रखर वक्ता के तौर भी याद करते हैं। अटल बिहार वाजपेयी का जन्म भले ही मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था लेकिन उनका परिवार मूल निवासी आगरा के बाटेश्वर का है। अटल जी सात भाई बहनों में सबसे छोटे थे। आगरा के बाटेश्वर से अटल जी के दादा पंडित शाम लाल वाजपेयी, मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में पलायन कर गए थे। अटल जी के पिता का नाम श्री कृष्णा बिहारी वाजपेयी और माता का नाम कृष्णा देवी था। अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आइए जानें उनकी जिंदगी से जुड़े 10 किस्सों के बारे में?
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1. भारत की राजनीति में अटल बिहारी वाजपेयी का प्रवेश 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल होने के साथ हुआ था। अटल जी के इस आंदोलन में हिस्सा लेने की वजह से उन्हें और उनके बड़े बाई प्रेम को 23 दिनों जेल में रहना पड़ा था। 1975-77 में आपातकाल के दौरान अटल जी को बंदी बनाया गया था।
2. अटल बिहारी वाजपेयी भारत के ऐसे पहले नेता थे, जिन्होंने 1977 में सयुंक्त राष्ट्र की सभा में हिंदी में भाषण दिया था। अटल जी ने ही सयुंक्त राष्ट्र में हिंदी भाषा को पहचान दिलवाई थी। 1945 में भारत के आजाद होने के बाद से 1977 तक भारत के किसी नेता ने भी सयुंक्त राष्ट्र की सभा में हिंदी में भाषण नहीं दिया था।
3. ये बहुत कम लोग जानते हैं कि राजनीति में आने से पहले अटल बिहारी वाजपेयी एक पत्रकार थे। उन्होंने वीर अर्जुन, स्वदेश, पांचजन्य, राष्ट्रधर्म जैसे पत्रिकाओं और अखबारों का संपादन किया था।

4. अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनसंघ की स्थापना करने वालों में से एक थे। जो बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP/भाजपा) नाम राजनैतिक पार्टी बनी। 1968 से 1973 तक अटल बिहारी वाजपेयी जनसंघ के अध्यक्ष के पद थे। अटल जी जीवन भर भारतीय राजनीति में सक्रिय भूमिक निभाई थी।
5. अटल बिहारी वाजपेयी ने कभी भी शादी नहीं की थी। वो ताउम्र अविवाहित रहे। हालांकि बाद में उन्होंने एक लड़की को गोद लिया था। जिसका नाम अटल जी ने नमिता रखा था। हालांकि वो अपनी प्रेम कहानी को लेकर भी काफी चर्चा में रहे थे। कहा जाता है कि अटल बिहारी और उनके साथ ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज में पढ़ने वाली राजकुमारी कौल का प्रेम प्रसंग था।
6. अटल बिहारी वाजपेयी की पसंदीदा अभिनेत्री थीं हेमा मालिनी। हेमा मालिनी ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि वो एक बार अटल जी मिलने गई थीं। लेकिन हेमा मालिनी को इस बात का बिल्कुल कोई अंदाजा नहीं था कि अटल जी उनके फैन हैं। हेमा मालिनी ने अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ा एक राज खोलते हुए कहा था कि जह वो उनसे मिलने पहुंची तो अटल जी उन्हें देखकर कुछ बोल ही नहीं पा रहे थे। हेमा मालिनी ने यह बताया था कि अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी फिल्म 'सीता और गीता' इतनी पसंद आई थी कि उन्होंने उसे 25 बार देखी थी। 'सीता और गीता' फिल्म 1972 में रिलीज हुई थी।

7. अटल बिहारी वाजपेयी ने अपना पहला चुनाव 1957 में उत्तर प्रदेश की बलरामपुर सीट से लड़ा था और जीत भी गए थे। पहली बार सांसद के तौर पर जब अटल जी ने संसद में भाषण दिया था तब भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू भी संसद में मौजूद थे। अटल बिहारी वाजपेयी की भाषण को सुनकर उन्होंने कहा था कि ये लड़का आगे चलकर देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। अटल बिहारी वाजपेयी के पीएम बनने की बात आगे चलकर सच हो गई।
अटल बिहारी वाजपेयी भारत के 10वें प्रधानमंत्री बने। वह तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे। पहली बार 16 मई 1996 से एक जून तक, दूसरी बार साल 19 मार्च 1998 से 26 अप्रैल 1999 तक और तीसरी बार 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई से 2004 तक।
8. 11 मई 1998 की तारीख भी इतिहास में दर्ज है। जब इसी दिन अटलजी की अगुआई में राजस्थान के पोखरण में भारत का द्वितीय परमाणु परीक्षण किया गया था। इसे इतने गुप्त तरीके से किया गया था कि अमेरिका की सीआईए को भनक तक नहीं लगने दी गई थी। इस परीक्षण के बाद ही भारत न्यूक्लियर स्टेट बन गया था।

9. अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में 19 फरवरी 1999 का दिन हमेशा याद किया जाएगा। इसी दिन अटल जी ने सदा-ए-सरहद नाम से दिल्ली से लाहौर तक बस सेवा शुरू की थी। इस सेवा का उद्घाटन कर प्रथम यात्री के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तान की यात्रा की थी। लाहौर पहुंचने पर वाजपेयी ने कहा वहां के तत्कालीन पीएम नवाज शरीफ से मुलाकात की थी। इस दौरान वाजपेयी ने कहा था, ''हम जंग ना होने देंगे..तीन बार लड़ चुके लड़ाई, कितना महंगा सौदा.. हम जंग ना होने देंगे।''
10. नरेंद्र मोदी सरकार ने साल 2015 में अटल बिहारी वाजपेयी को भारत के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था। लोकसभा में अटल जी वक्तव्यों को अमर बलिदान नाम से संग्रहित किया गया है। अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 16 अगस्त 2018 को हुआ।












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