ममता बनर्जी को 'मां' कहने वाली पूर्व IPS के घर मिली 39 ltr विदेशी स्कॉच
कोलकाता। पश्चिम मेदिनापुर जिले की पूर्व एसपी भारती घोष की विभिन्न प्रॉपर्टी पर छापेमारी में सीआइडी को गुरुवार को विदेशी शराब की 57 बोतलें मिली हैं। 39 लीटर विदेशी ब्रांड की शराब को पुलिस ने जब्त कर लिया है। मंहगी विदेशी शराब के अलावा सीआईडी को उनके ठिकाने से काफी संख्या में आर्म्स लाइसेंस व नौकरी के कागजात भी मिले हैं। ये कागजात पश्चिम मेदिनीपुर जिले में रहनेवाले आवेदनकर्ताओं के हैं, जो आवेदन उन्होंने पूर्व एसपी के पास किये थे।

जॉनी वाकर और चिवास रीगल जैसे ब्रांड की स्कॉच मिली
पूर्व एसपी के घर से मिली शराब जॉनी वाकर और चिवास रीगल जैसे ब्रांड की स्कॉच है। आपको बता दें कि इस मामले में सीआइडी की टीम कोलकाता व दक्षिण 24 परगना के विभिन्न फ्लैट में छापेमारी कर कुल दो किलो सोना व तीन करोड़ रुपये के नये नोट जब्त कर चुकी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारती घोष पर लोगों से दुर्व्यवहार और जबरन वसूली का आरोप लगे है। एक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि कुछ पुलिसकर्मियों ने पिछले वर्ष उससे जबर्दस्ती रुपए ले लिए थे। इस शिकायत के बाद अदालत के एक आदेश पर छापे की कार्रवाई की गई।

एक पब्लिक मीटिंग में उन्होंने ममता बनर्जी को मां बोला था
प्रमोटिड आईपीएस अफसर भारती घोष राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों का जाना पहचाना नाम है। उनकी चर्चा हमेशा दो कारणों से होती है। पहला- माओवादी प्रभावित पश्चिम मेदिनापुर जिले में उनका काफी लंबा कार्यकाल, और दूसरा पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की नजदीकियों के कारण। भारती घोष की वफादारी उस समय सबके सामने आई थी जब एक पब्लिक मीटिंग में उन्होंने ममता बनर्जी को मां बोला था। इतना ही नहीं उनकी टीएमसी के पूर्व नेता मुकुल रॉय के साथ भी अच्छे संबंध रहे हैं।

सरकार के खिलाफ जाना पड़ा महंगा
सूत्रों के मुताबिक राजनीतिक गलियारों में ऐसी भी खबरे आ रही हैं कि मुकुल रॉय के भाजपा में जाने के बाद ममता और भारती घोष के संबंधों में भी दरारें आ गई थीँ। यह कार्रवाई उसी का नतीजा मानी जा रही है। ताबूत में आखिरी कील विधानसभा उपचुनावों ने गाड़ दी। पश्चिम मेदिनापुर जिले के साबंग में हुए चुनाव में भाजापा के जनाधार में बढ़ोत्तरी देखने को मिली थी। वह भी तब जब इस इलाके में भाजपा का कोई बड़ा चेहरा नहीं है। तृणमूल नेताओं ने इसका ठीकरा घोष के उपर फोड़ दिया। चुनाव के बाद घोष का ट्रांसफर एक नीची पोस्ट पर कर दिया गया।

इस्तीफे के बाद मिली थी केंद्र के नेताओं से
भारती घोष ने अपनी पोजीशन को सुधारने का प्रयास किया, लेकिन वह असफल रहीं। इसके बाद उन्होंने अपनी पोस्ट से इस्तीफा दे दिया। जिसे सरकार ने मंजूर कर लिया। इसके बाद उन्होंने केंद्र के कुछ नेताओं से मुलाकात की। जिसके बाद वे सीआईडी के स्कैनर में आ गई और उनके उपर एक के बाद एक कई छापेमारी हुई। इस दौरान उनके घर से लगभग तीन करोड़ की करेंसी बरामद हुई।












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