उद्धव ठाकरे ने बीजेपी को हराने के लिए 'निडर मतदाताओं' को किया सलाम, कहा- जो जरूरी नहीं था, उसे जनता ने उखाड़ फेंका
नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी को तगड़ा झटका लगा है। कांग्रेस अपनी इस जीत को लेकर फुले नहीं समा रही है। वहीं लगातार जीत का स्वाद चखने वाली बीजेपी को इस बार कड़वाहट का अंदाजा लगा। लेकिन हार का मुंह देखने वाली अभी हार से उबरी नहीं है तब से उसकी सहयोगी पार्टी शिवसेना ने तंज कसना शुरू कर दिया है। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को आए नतीजों में पांच में से चार राज्यों में भाजपा को हराने वाले निडर मतदाताओं को सलाम किया है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) के घटक दल शिवसेना ने भाजपा को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि मतदाताओं ने निर्णय लिया कि वे भाजपा को वोट नहीं देंगे, उन्होंने पूरी तरह से उन्हें खारिज कर दिया।

मतदाताओं ने अपना जनादेश दिया और भाजपा को उखाड़ फेका
ठाकरे ने कहा, "भाजपा के विकल्प पर चिंता किए बगैर, मतदाताओं ने इन राज्यों में अपना जनादेश दिया और भाजपा को उखाड़ फेका। भविष्य में क्या होगा, इसका निर्णय बाद में किया जाएगा। उन्होंने (जनता) इस तरह का साहस दिखाया है।" उन्होंने निर्भय होकर ईवीएम, धन बल, बाहुबल और 'भाजपा का कोई विकल्प नहीं है' की सोच के बावजूद देश को नई दिशा दिखाने के लिए चार राज्यों के लोगों की सराहना की।

'कांग्रेस मुक्त भारत' का सपना धूल में मिल गया
सामना के संपादकीय में लिखा गया है- 'गढ़ में हरा कर जनता ने बीजेपी मुक्त का संदेश दिया है।' इसमें लिखा गया है कि, 'मोदी और अमित शाह का 'कांग्रेस मुक्त भारत' का सपना बीजेपी शासित राज्य में ही धूल में मिल गया। बीजेपी को लगा था राहुल कोरे कागज की तरह है लेकिन राहुल, मोदी और अमित शाह को किनारे करते हुए मेरिट में आकर चमकने लगे।'

बीजेपी का विजय रथ जिन राज्यों से शुरू हुआ था उन्हीं राज्यों में इस रथ के पहिये टूट गए
संपादकीय में लिखा गया है, 'मोदी का उदय बीजेपी का विजय रथ जिन राज्यों से शुरू हुआ था उन्हीं राज्यों में इस रथ के पहिये टूट गए। मोदी के बचकाने बयान, नोटबंदी ,अर्थव्यवस्था ,रोजगार ,महंगाई राम मंदिर बनाने का वादा पूरा न करने भी बाद भी बीजेपी को भ्रम था कि वह चुनाव जीत जाएंगे, जो टूट गया।' सामना में लिखा है, जनता ने विकल्प की खोज में न फंसते हुए जो नहीं चाहिए उसे उखाड़ फेंक दिया।'अखबार ने लिखा है, 'जो लोग हवा में उड़ रहे थे, उन्हें जनता ने जमीन पर ला दिया है और मध्यप्रदेश के किसानों पर गोली चलायी गई थी, इसलिए किसानों ने वोट से बीजेपी को मात दे दी। सामना में लिखा है, बीजेपी की चाणक्य नीति को तोड़फोड़ कर कांग्रेस विजयी हुई।'












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