Assembly By Election : 3 प्रमुख सीटों पर BJP जीती, तेलंगाना में कांटे की टक्कर, सियासी गणित के 10 प्वाइंट
Assembly By Election : 3 प्रमुख सीटों पर बीजेपी जीती, तेलंगाना में कांटे की टक्कर, 10 प्वाइंट में समझें सियासी गणित। Assembly By Election Result 10 points bihar bjp uttar pradesh telangana trs rjd
Assembly By Election Result आधे से अधिक सामने आ चुके हैं। 3 प्रमुख सीटों पर बीजेपी जीती है। तेलंगाना में सत्तारुढ़ तेलुगू राष्ट्र समिति (TRS) और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है। विधानसभा उपचुनाव के परिणाम अहम इसलिए भी हैं, क्योंकि बिहार और तेलंगाना में प्रतिष्ठा की लड़ाई लड़ी जा रही है। हरियाणा में पारिवारिक विरासत दांव पर बताया गया। 10 प्वाइंट में समझें 6 राज्यों की सात विधानसभा सीटों का सियासी गणित।

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शिवसेना को मुंबई की अंधेरी पूर्व सीट
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के गोला गोकर्णनाथ, हरियाणा के आदमपुर और बिहार के गोपालगंज में जीत हासिल की है। ओडिशा की धामनगर विधानसभा सीट पर भाजपा आगे चल रही है। बिहार के मोकामा में तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने जीत दर्ज की है। तेलंगाना के मुनुगोड़े में के चंद्रशेखर की राव की तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (TRS) आगे है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना को मुंबई की अंधेरी पूर्व सीट पर जीत हासिल हुई है।
उपचुनाव से पहले किसके पास थी सीट
सात सीटों पर उपचुनाव से पहले भाजपा के पास तीन सीटें थीं। कांग्रेस के पास दो सीटें, जबकि शिवसेना और राजद के पास एक-एक सीटें थीं। सात राज्यों में दो सीटें बिहार में और एक-एक यूपी, हरियाणा, महाराष्ट्र, तेलंगाना और ओडिशा में हैं।
बाहुबली की बीवी को जीत
जब से नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव के राजद के साथ जदयू गठबंधन की सरकार बनाई है। बिहार में दो विधानसभा सीटों पर पहली बार चुनाव कराए जा रहे हैं। भाजपा का साथ छोड़ने के बाद गोपालगंज सीट पर राजद को हार का मुंह देखना पड़ा है। हालांकि, मोकामा सीट पर अवैध रूप से बंदूकें रखने के आरोप में अयोग्य घोषित अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को जीत मिली है।
बिहार में RJD को जीत
गोपालगंज में राजद को उम्मीद थी की पार्टी भाजपा को सत्ता से बेदखल कर देगी, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। लगभग दो दशकों से भाजपा इस सीट पर काबिज है। एक बार फिर भाजपा की कुसुम देवी को RJD के मोहन प्रसाद गुप्ता के खिलाफ जीत हासिल हुई है। पति सुभाष सिंह की मृत्यु के कारण कुसुम देवी चुनाव लड़ रही हैं।
हरियाणा में दशकों पुरानी विरासत
हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल की पारिवारिक सीट आदमपुर पर उनके पोते भव्य बिश्नोई ने कांग्रेस को पटखनी दी है। भाजपा में आने के बाद भव्य के कंधे पर 68 साल की विरासत को आगे बढ़ाने का जिम्मा है। भव्य के पिता कुलदीप बिश्नोई भाजपा नेता के रूप में भजन लाल के परिवार का नेतृत्व कर रहे थे, लेकिन आदमपुर विधायक के रूप में उनके इस्तीफे के बाद आदमपुर में उपचुनाव कराना पड़ा।
शिवसेना में बंटवारे के बाद का समीकरण
शिवसेना के दो हिस्सों में बंटने के बाद पहली बार चुनावी ताल ठोकी जा रही है। एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद महाराष्ट्र की अंधेरी ईस्ट में पहली चुनावी लड़ाई हो रही है। दशकों में पहला मौका है जिसमें उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिव सेना एक नए नाम - शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) - और एक नए प्रतीक, 'मशाल' या ज्वलंत मशाल के साथ चुनाव लड़ रही है। एकनाथ शिंदे उद्धव ठाकरे को हराकर भाजपा की मदद से मुख्यमंत्री बने हैं।
पूर्व विधायक की विधवा ऋतुजा को वॉकओवर
अंधेरी ईस्ट सीट पर शिवसेना (उद्धव) की उम्मीदवार ऋतुजा लटके के पास निर्णायक बढ़त है। शिवसेना के पूर्व विधायक की विधवा ऋतुजा को वॉकओवर मिला भाजपा ने एक नेता की मृत्यु के कारण हो रहे उपचुनाव में "राजनीतिक परंपरा" के तहत अपने उम्मीदवार को वापस ले लिया। ऋतुजा के पति की मई 2022 में दुबई में दिल का दौरा पड़ने के कारण मृत्यु हो गई थी।
तेलंगाना में तगड़ी लड़ाई
तेलंगाना की मुनुगोड़े विधानसभा सीट पर सत्तारूढ़ टीआरएस और प्रतिद्वंद्वी भाजपा के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई हो रही है। "करोड़ों रुपये" के आरोप-प्रत्यारोप के बीच मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव 2024 में पीएम नरेंद्र मोदी को चुनौती देने की महत्वाकांक्षा रखते हैं, ऐसा सियासी पंडितों का मानना है। कांग्रेस विधायक इस्तीफा देने के बाद भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
ओडिशा में भी भाजपा की दस्तक
ओडिशा के धामनगर में भी सत्तारूढ़ क्षेत्रीय दल बीजद और भाजपा आमने सामने हैं। पिछली बार भाजपा जीती थी, लेकिन विधायक विष्णु चरण सेठी की मृत्यु के कारण उपचुनाव हो रहा है। विधायक के बेटे चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं।
अमन गिरी ने विनय तिवारी को हराया
अपने गढ़ यूपी में बीजेपी गोला गोकर्णनाथ सीट को बरकरार रखने में सफल रही है। 6 सितंबर को विधायक अरविंद गिरी की मृत्यु के बाद खाली हुई सीट पर अरविंद गिरि के बेटे अमन गिरी ने समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक विनय तिवारी को मात दी।
क्या 2024 पर असर डालेंगे चुनावी नतीजे ?
तमाम सीटों पर उपचुनावों के परिणामों से किसी भी राज्य सरकार के प्रभावित होने की आशंका नहीं है, लेकिन, क्षेत्रीय दल 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए एकजुट मोर्चा बनाना चाहते हैं। सिर्फ डेढ़ साल दूर आम चुनाव के लिए उपचुनाव के रिजल्ट बूस्टर शॉट्स या धारणा गढ़ने का काम कर सकते हैं।












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