ये राज्य सरकार कोरोना मरीजों के लिए प्लाज्मा दान करने वाले लोगों को दे रही ये बड़ा ऑफर
ये राज्य कोरोना मरीजों के लिए प्लाज्मा दान करने वाले लोगों को दे रहा ये बड़ा ऑफर
गुवाहाटी। देश के अन्य राज्यों के साथ असम में भी कोरोना संक्रमण मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। कोरोना के गंभीर मरीजों का इलाज प्लाज्मा थेरेपी से हो सके इसलिए प्रदेश सरकार ने लोगों को प्लाज्मा दान करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत प्रदेश सरकार केवल प्रदेशवासियों को ही नहीं दूसरे प्रदेशों के प्जाज्मादाताओं को भी ये सुविधाएं देने का ऐलान किया है।

प्रदेश के लोगों और बाहरी प्लाज्मादाताओं को असम सरकार देगी ये सुविधा
असम सरकार ने ऐलान किया है कि कोरोना मरीजों के लिए प्जामा दान करेने वाले लोगों को सरकारी नौकरी के साक्षात्कार समेत अन्य सरकारी सुविधाओं में वरीयता दी जाएगी। असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य सरकार प्लाज्मा दान को प्रोत्साहित करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगी। "हम दूसरे राज्यों के लोगों से असम में आने और प्लाज्मा दान करने की अपील करते हैं। असम सरकार उन्हें हवाई टिकट मुहैया कराएगी और उन्हें राज्य अतिथि बनाकर रखा जाएगा।

प्रत्येक प्लाज्मा दाता को एक प्रमाण पत्र दिया जाएगा
उन्होंने कहा कि "हम प्लाज्मा दान करने वालों को एक प्लाज्मा दाता प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे। भविष्य में प्लाज्मा दाताओं को सरकारी नौकरी के साक्षात्कार सहित कई सरकारी योजनाओं में वरीयता मिलेगी। सरकारी नौकरी के साक्षात्कार में प्लाज्मा दाता का उत्पादन करके प्लाज्मा दाता को दो अंक अतिरिक्त मिलेंगे।

प्रदेश में तैयार किया जा रहे प्लाज्मा केन्द्र
हिमंत बिस्वा सरमा ने आगे कहा कि असम में एक प्लाज्मा बैंक जल्द ही तैयार हो जाएगा और राज्य सरकार सिलचर, दीफू, डिब्रूगढ़, तेजपुर, बारपेटा और जोरहाट में छह और प्लाज्मा संग्रह केंद्र स्थापित करेगी। बता दें गुवाहाटी में एक प्लाज्मा बैंक शुरू हो चुका है और गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोविद -19 रोगियों को प्लाज्मा थेरेपी दी गई है।

कोरोना को मात दे चुके लोग मरीज कर सकते हैं प्लाज्मा दान
बता दें कोरोना को मात दे चुके लोग ये प्लाज्मा दान कर सकते हैं जिससे कोरोना के गंभीर मरीजों की जान बचाई जा रही है लेकिन कोरोना से ठीक होने के बाद बड़ी संख्या में लोग प्लाज्मा दान करने से बच रहे हैं। ऐसे में असम सरकार ने प्लाज्मादाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए ये अभियान शुरु किया है। चिकित्सकों के अनुसार कोरोना को मात दे चुके एक व्यक्ति के खून दान करने से कई कोरोना मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी देकर मरीजों की जान बचाई जा सकती हैं। कोरोना को मात दे चुके मरीज ठीक होने के बाद ये प्लाज्मा दान कर सकते हैं, प्लाज्मा दान करने से उनके शरीर पर इसका कोई भी खराब प्रभाव नहीं पड़ता है।












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