CAA: बीजेपी मंत्री का दावा- गुवाहाटी हिंसा में बाहरी लोगों का हाथ, होगी जांच
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में गुवाहाटी में भड़की हिंसा फिलहाल शांत है। असम के मंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने कहा कि हमने गुवाहाटी में कर्फ्यू हटा लिया है और अब दिन के समय में कर्फ्यू नहीं रहेगा। हालांकि, जब तक हम स्थिति की समीक्षा नहीं करेंगे, तब तक रात का कर्फ्यू लगा रहेगा। उन्होंने कहा कि, गुवाहाटी में हुई हिंसा में बाहरी लोगों का हाथ होता है। वहीं इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध मंगलवार की सुबह तक के लिए बढ़ा दिया गया है। असम प्रशासन ने 11 दिसंबर की शाम गुवाहाटी समेत राज्य के कई शहरों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थी।

हिमंत बिस्वा शर्मा ने कहा कि, हमने गुवाहाटी में कर्फ्यू हटा लिया है और अब दिन के समय में कर्फ्यू नहीं रहेगा। हालांकि, जब तक हम स्थिति की समीक्षा नहीं करेंगे और इस संबंध में निर्णय नहीं लेंगे, तब तक रात का कर्फ्यू लगा रहेगा। उन्होंने कहा कि गुवाहाटी भीड़ हिंसा में, हमने एक विशिष्ट पैटर्न देखा है। यहां हिंसक प्रदर्शन में भारी संख्या में ऐसे लोगों ने भागीदारी की, जो गुवाहाटी के नागरिक नहीं थे। ये लोग निचले असम के जिलों से आए थे।
शर्मा ने बताया कि पूरे असम में भड़की हिंसा के दौरान पुलिस ने बर्बरता और अन्य संबंधित अपराधों के 136 मामले दर्ज किए गए हैं। अब तक पुलिस ने गुवाहाटी और पूरे राज्य में हाल ही में हुई घटनाओं के सिलसिले में 190 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि, क्या वे आंदोलन में भाग लेने के लिए आए हैं या उन्हें किसी प्रकार की साजिश के तहत यहां लाया गया है, इसकी जांच सरकार द्वारा की जाएगी। एक-दो दिन में उचित जांच दल की घोषणा कर दी जाएगी।
हिमंत शर्मा ने कहा कि, भारत-जापान शिखर सम्मेलन स्थगित कर दिया गया है, लेकिन यह गुवाहाटी में ही होगा। प्रधानमंत्री ने फैसला किया है कि गुवाहाटी से कार्यक्रम स्थल को स्थानांतरित नहीं किया जाएगा, लेकिन तारीख बदली जा सकती है। हमें जानकारी मिली है कि गुवाहाटी में शंकरदेव कलाक्षेत्र में जहां बर्बरता हुई। जब हमने इस घटना की जांच की तो पाया कि इसमें एक कांग्रेस कार्यकर्ता की संलिप्त है। अगर उन्होंने अपनी व्यक्तिगत रूप से या किसी संगठन के साथ मिलकर ऐसा किया है तो मामले कमेटी बैठाकर जांच की जाएगी।












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