असम: जिहादी गतिविधियों के विरोध में लोगों ने उठाया बड़ा कदम, मदरसे को किया ध्वस्त

नई दिल्ली, 06 सितंबर। असम के गोलपारा जिले में स्थानीय लोगों ने मंगलवार को एक मदरसे को ध्वस्त कर दिया। क्योंकि जिस जिहादी को गिरफ्तार किया गया था, वो इसी मदरसे में शिक्षक था। लोगों ने स्वेच्छा से मदरसा गिराने का फैसला इसलिए लिया, ताकि जिहादी गतिविधियों का समर्थन करने वालों को संदेश दिया जा सके।

assam goalpara

इस संबंध में जानकारी देते हुए एसपी गोलपारा, वीवी राकेश रेड्डी ने बताया कि इस मदरसे को गिराने के लिए सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं की गई, लेकिन जब स्थानीय लोगों को पता चला कि इस मदरसे का इस्तेमाल बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा देश विरोधी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, तो वो गुस्सा हो गए। इसलिए स्थानीय लोगों ने मिलकर मदरसे को गिरा दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मटिया पुलिस थाने में गिरफ्तार जलालुद्दीन शेख ने अमीनुल इस्लाम, उस्मान, हदी हसन और जहांगीर अलोम को मदरसा के शिक्षकों के रूप में 2020 के दौरान अलग-अलग समय पर नौकरी पर रखा था। इनमें दो को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अभी भी फरार है। दोनों फरार बांग्लादेशी एक्यूआईएस / एबीटी कैडर हैं।

इधर, इस कार्रवाई के बाद जमीयत उलमा-ए-हिंद के मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि आपने देखा कि असम में क्या हुआ। अगर यह तरीका अपनाया जाता है तो गलत है। राज्य में गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वेक्षण करने के यूपी सरकार के फैसले पर हम संबंधित अधिकारियों को एक आवेदन भेजकर उनसे मिलने के लिए समय मांगेंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी काम गलत तरीके से नहीं करना चाहिए, भले ही वह अच्छा काम ही क्यों न हो। कुछ सुधार करने के लिए हमेशा जगह होती है। ऐसे में जिस तरह से मदरसों को चित्रित किया जा रहा है, वह पूरी तरह गलत है।

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