Assam Kaziranga Elevated Corridor: 7,000 करोड़ की लागत से बनेगा कॉरिडोर, इंटरनेशनल लेवल की होगी कनेक्टिविटी
Assam Kaziranga Elevated Corridor: असम में सड़क कनेक्टिविटी और वन्यजीव संरक्षण को एक साथ साधने के लिए मेगा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग 715 (पुराना NH-37) के कालियाबोर-नुमालीगढ़ खंड पर बनने वाली काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना से आने वाले सालों में प्रदेश की स्थिति बदल जाएगी। प्रोजेक्ट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जनवरी 2026 को किया। इसी साल असम में चुनाव भी होने वाले हैं और विकास के ये प्रोजेक्ट चर्चा में रहेंगे।
यह परियोजना न केवल असम के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, बल्कि काजीरंगा नेशनल पार्क में वन्यजीवों की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाएगी। करीब ₹6,950 करोड़ की लागत से बनने वाली यह परियोजना कुल 85.675 किलोमीटर लंबी होगी।

Assam Kaziranga Elevated Corridor: इन्फ्रास्ट्रक्चर में साबित होगा मील का पत्थर
- इसका सबसे खास हिस्सा काजीरंगा नेशनल पार्क के पास बनने वाला लगभग 35 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वन्यजीव कॉरिडोर है। इसे खास तौर पर हाथियों, गैंडों और अन्य जानवरों की सुरक्षित आवाजाही को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
- इससे हाईवे पर जानवरों की मौत की घटनाओं में भारी कमी आने की उम्मीद है। परियोजना के तहत लगभग 30 किलोमीटर सड़क को 2-लेन से 4-लेन में अपग्रेड किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी।
- यात्रा ज्यादा सुरक्षित और तेज होगी। इसके अलावा, जखलाबंधा और बोकाखाट में 21 किलोमीटर के बाईपास खंड बनाए जाएंगे, जिससे स्थानीय ट्रैफिक को राहत मिलेगी और लंबी दूरी के यात्रियों का समय बचेगा।
Kaziranga Elevated Corridor: 36 महीने में बनकर होगा तैयार
इस प्रोजेक्ट को अगले 36 महीनों यानी 3 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूरा होने के बाद ऊपरी असम के प्रमुख शहरों जैसे डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया तक पहुंच और अधिक सुगम हो जाएगी। साथ ही, यह परियोजना पूर्वोत्तर भारत को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों से जोड़ने में भी मददगार साबित होगी। असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि यह न सिर्फ असम की सड़कों की तस्वीर बदलेगी, बल्कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भी एक मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में देखी जाएगी।
Assam Election में बनेगा प्रोजेक्ट अहम मुद्दा
इस एलिवेटेड कॉरिडोर से राज्य के अंदर ही नहीं दूसरे राज्यों से भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी। पूर्वोत्तर में विकास के लिए जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिहाज से यह अहम प्रोजेक्ट है। असम चुनाव में भी यह बड़ा मुद्दा रहने वाला है, क्योंकि बीजेपी इसे विकास योजना के तौर पर पेश करेगी। दूसरी ओर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस प्रोजेक्ट पर पर्यावरण हितों की अनदेखी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।












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