अवैध दस्तावेजों के साथ रह रहे 42 बांग्लादेशियों को असम सरकार ने वापस भेजा
दिसपुर। असम सरकार ने सोमवार को असम के करीमगंज जिले के सुतरकंडी के इंटरनेशन बॉर्डर से 42 बांग्लादेशियों को वापस भेज दिया है। नागरिकों का निर्वासन कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की गई है। खबरों के मुताबिक, बांग्लादेशी नागरिकों ने अलग-अलग समय में असम के विभिन्न हिस्सों से वैध दस्तावेजों के बिना भारत में प्रवेश किया था। बांग्लादेशी नागरिकों को कामरूप, शिवसागर, कार्बी आंगलोंग, दीमा हसाओ, गुवाहाटी, कछार, करीमगंज, सोनितपुर और दक्षिण सलमार मनचछर जिलों से गिरफ्तार किया गया था। वे पिछले दो से तीन वर्षों से राज्य के विभिन्न शिविरों में रह रहे थे।

इनमें से कुछ असम में पिछले कई सालों से रह रहे थे और विदेशियों के न्यायाधिकरण ने उन्हें अवैध विदेशी घोषित कर दिया था। करीमगंज जिले के पुलिस अधीक्षक मयंक कुमार ने कहा कि 42 बांग्लादेशी नागरिकों में से 33 पुरुष और 9 महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि हमने कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए उन्हें हटा दिया है। उन्होंने कहा कि "बांग्लादेशी नागरिक असम के नौ जिलों से आ रहे हैं। 42 में से आठ कछार और तीन करीमगंज जिले के हैं।
25 बांग्लादेशी नागरिकों को सरकारी रेलवे पुलिस, गुवाहाटी के माध्यम से लाया गया है। उन्हें 2-3 साल पहले विदेशियों के अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था। भारतीय पक्ष के अधिकारियों ने उन्हें बांग्लादेश के अधिकारियों को सौंप दिया था। आपको बता दें कि इससे पहले पिछले साल मई और जुलाई में, असम सरकार ने बांग्लादेश में 50 बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित किया था।












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