असम में नहीं रुक रही बाढ़ से तबाही, पिछले 24 घंटों में 8 और लोगों, आंकड़ा पहुंचा 66
Assam Floods: असम में पिछले 24 घंटों में बाढ़ के पानी में डूबने से तीन बच्चों सहित 8 लोगों की मौत के बाद स्थिति और खराब हो गई है। जिसके बाद इस साल की बाढ़ में मरने वालों की संख्या 66 हो गई है।
एएसडीएमए बाढ़ रिपोर्ट में कहा गया है, "रविवार को धुबरी और नलबाड़ी जिले में 2-2 लोगों की मौत हुई और कछार, गोलपारा, धेमाजी, शिवसागर जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।"

राज्य में रविवार को बाढ़ की स्थिति कुछ जिलों में अभी भी गंभीर है। 28 जिलों में 22.74 लाख से अधिक लोग अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं।
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बाढ़ प्रभावित जिलों में कामरूप, नागांव, कछार, धुबरी, ग्वालपाड़ा, मोरीगांव, हैलाकांडी, बोंगाईगांव, दक्षिण सलमारा, डिब्रूगढ़, करीमगंज, लखीमपुर, होजई, नलबाड़ी, चराईदेव, विश्वनाथ, गोलाघाट, जोरहाट, धेमाजी, बारपेटा, सोनितपुर, कोकराझार, माजुली, कामरूप (एम), दरांग, शिवसागर, चिरांग, तिनसुकिया हैं।
97 राजस्व सर्किलों के अंतर्गत 3446 गांव अभी भी जलमग्न हैं और बाढ़ के पानी से 68432.75 हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलमग्न हो गया है। अकेले धुबरी जिले में 754791 लोग प्रभावित हुए हैं, इसके बाद कछार जिले में 177928 लोग, बारपेटा में 134328 लोग, दरांग में 117581 लोग, गोलाघाट में 112322 लोग, दक्षिण सलमारा जिले में 100926 लोग प्रभावित हुए हैं।
3.69 लाख से अधिक लोगों ने 630 राहत शिविरों में शरण ली है और प्रशासन द्वारा 26 जिलों में वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं। बाढ़ की दूसरी लहर में 1563426 पालतू जानवर भी प्रभावित हुए हैं।
रविवार को आई बाढ़ के पानी में 214 जानवर बह गए और करीब 300 घर क्षतिग्रस्त हो गए। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं और स्थानीय प्रशासन की बचाव टीमें कई बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान में लगी हुई हैं।
बाढ़ के पानी ने पिछले 24 घंटों में 172 सड़कें, 6 पुल, 8 तटबंधों को क्षतिग्रस्त कर दिया। ब्रह्मपुत्र, बराक और उसकी सहायक नदियों समेत 9 नदियां उफान पर हैं और राज्य में कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर नीमाटीघाट, तेजपुर और धुबरी में खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।












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