असम की राजनीति में भूचाल, सीएम सरमा ने गौरव गोगोई समेत 3 पर ठोका ₹500 करोड़ का मानहानि केस
असम की राजनीति में छिड़ी 'जंग-ए-मैदान' अब सड़क से निकलकर अदालत की दहलीज तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 10 फरवरी 2026 को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ ₹500 करोड़ का मानहानि का मुकदमा दायर कर सियासी हलचल तेज कर दी है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब असम कांग्रेस ने 'WhoIsHBS.com' नामक एक डिजिटल पोर्टल और पैम्फलेट लॉन्च कर मुख्यमंत्री के परिवार पर करीब 12,000 बीघा जमीन अवैध रूप से कब्जाने का गंभीर आरोप लगाया। इन आरोपों को 'झूठा और दुर्भावनापूर्ण' करार देते हुए सरमा ने गौरव गोगोई सहित चार बड़े नेताओं को कानूनी घेरे में लिया है।

मुख्यमंत्री सरमा का कहना है कि अब 'हिट एंड रन' की राजनीति का अंत हो चुका है और आरोप लगाने वालों को अब सबूतों के साथ अदालत में जवाब देना होगा।
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कानूनी शिकंजा, ₹500 करोड़ का मानहानि केस
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी छवि धूमिल करने के प्रयास के खिलाफ सिविल और क्रिमिनल, दोनों तरह की कानूनी कार्यवाही शुरू की है।
किन नेताओं पर गिरी गाज?
सीएम सरमा ने मानहानि के मुकदमे में मुख्य रूप से इन नेताओं को नामजद किया है:
- गौरव गोगोई: असम कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद।
- भूपेश बघेल: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री।
- जितेंद्र सिंह: एआईसीसी महासचिव (असम प्रभारी)।
- देवव्रत सैकिया: असम विधानसभा में विपक्ष के नेता।
मुख्यमंत्री का कड़ा रुख
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सीएम ने कहा, "अगर उनके पास रत्ती भर भी साहस या सबूत है, तो वे अदालत के समक्ष हर एक आरोप को साबित करें। मैं गांधी परिवार के तथाकथित दासों के दुष्प्रचार और सुनियोजित बदनामी से डरने वाला नहीं हूं।"
विवाद की जड़, 'WhoIsHBS' पोर्टल और जमीन के आरोप
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को घेरने के लिए एक सुनियोजित 'डिजिटल कैंपेन' शुरू किया है, जिसे भाजपा ने पूरी तरह आधारहीन बताया है।
12,000 बीघा जमीन का दावा: कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि सीएम के परिवार ने नियमों को ताक पर रखकर असम के विभिन्न हिस्सों में विशाल भू-भाग पर कब्जा किया है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म: कांग्रेस ने 'WhoIsHBS.com' वेबसाइट लॉन्च की है, जिसका उद्देश्य मुख्यमंत्री के राजनीतिक सफर और कथित अनियमितताओं को सार्वजनिक करना है।
जनसंपर्क अभियान: कांग्रेस ने घोषणा की है कि वे इन आरोपों से जुड़े 'पर्चे' (Pamphlets) पूरे असम में घर-घर तक पहुंचाएंगे ताकि जनता के बीच जवाबदेही तय की जा सके।
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