Assam Chunav 2026: असम BJP में अंदरूनी जंग, टिकट नहीं मिला तो बगावत! क्या डैमेज कंट्रोल कर पाएंगे CM हिमंत?
Assam Chunav 2026: असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी के अंदर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। टिकट नहीं मिलने से नाराज कई मौजूदा विधायक और दावेदार अब निर्दलीय चुनाव लड़ने की चेतावनी दे रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया खुद मोर्चा संभालकर इन नेताओं को मनाने में जुट गए हैं।
बीजेपी द्वारा कई मौजूदा विधायकों के टिकट काटने और नए चेहरों को मौका देने के फैसले से पार्टी के भीतर नाराजगी बढ़ गई है। खासतौर पर कांग्रेस से हाल ही में आए नेताओं को टिकट देने से पुराने कार्यकर्ता खुद को नजरअंदाज महसूस कर रहे हैं। प्रद्युत बोरदोलोई और भूपेन कुमार बोराह को बीजेपी में शामिल करने के बाद सीधे उम्मीदवार बनाए जाने से कई नेताओं में असंतोष है।

दिसपुर सीट से खुली बगावत, कई सीटों पर नाराजगी
सबसे ज्यादा विरोध दिसपुर सीट पर देखने को मिला, जहां वरिष्ठ नेता जयंत दास को टिकट नहीं मिला। उन्होंने खुलकर नाराजगी जताई और पार्टी छोड़ दी। अब वह निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। जयंत दास ने यहां तक कह दिया कि बीजेपी अब "कांग्रेस बीजेपी" बन गई है, क्योंकि पुराने नेताओं को नजरअंदाज कर नए लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।
न्यू गुवाहाटी और गुवाहाटी सेंट्रल सीट पर भी नाराजगी दिख रही है। सिद्धार्थ भट्टाचार्य और रामेंद्र नारायण कलिता को टिकट नहीं मिलने से समर्थकों में असंतोष है।
इसी तरह बिहपुरिया सीट पर अमिय कुमार भुयां की जगह भूपेन बोरा को टिकट देने से भी विवाद बढ़ा है। बराक वैली में भी कुछ विधायकों को टिकट नहीं मिला, जिससे वहां भी असंतोष है।
क्या डैमेज कंट्रोल कर पाएंगे हिमंत बिस्वा सरमा?
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा खुद नाराज नेताओं के घर पहुंचकर उन्हें मनाने में जुट गए हैं। अतुल बोरा जैसे वरिष्ठ नेता को टिकट नहीं मिलने के बाद वह भी निर्दलीय चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे थे। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने उनके घर जाकर बातचीत की, हालांकि उन्होंने अभी अपना अंतिम फैसला नहीं बताया है।
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है कि 1400 लोगों ने टिकट मांगा था, लेकिन सभी को देना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि 2023 में सीटों की सीमाएं बदलने (परिसीमन) के कारण कई नेताओं के टिकट कटे हैं। इस बार 19 मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया का कहना है कि पार्टी एक अनुशासित संगठन है और सभी नेता समझ जाएंगे।
'कभी कभी टिकट कटने के बाद भाग्य खुल जाता है'
सीएम हिमंत सरमा ने दावा किया कि पार्टी में इतनी ताकत है कि वह 160 तक सीटें जीत सकती है। उन्होंने कहा कि अभी चुनाव प्रचार पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है, 26 मार्च से उनकी रैलियां शुरू होंगी, जिसके बाद स्थिति और साफ हो जाएगी।
टिकट बंटवारे को लेकर उन्होंने कहा कि किसी का भी टिकट कट सकता है, लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि टिकट न मिलने के बाद नेताओं को और बड़े मौके मिल जाते हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पार्टी के लिए सकारात्मक सोच के साथ काम करें और संगठन को मजबूत बनाएं।
भाजपा की राजनीतिक रणनीति क्या है?
- बीजेपी की रणनीति साफ दिख रही है कि वह "फ्रेश फेस" और नए सामाजिक समीकरणों पर दांव लगा रही है। राजनीतिक तौर पर सबसे बड़ा खतरा यही है कि अगर बागी नेता निर्दलीय चुनाव लड़ते हैं, तो वे बीजेपी के वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं।
- यही वजह है कि पार्टी नेतृत्व इन नेताओं से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश कर रहा है। यह एक तरह का "डैमेज कंट्रोल" है, ताकि वोटों का बिखराव रोका जा सके और चुनावी चुनौती कम हो।
- असम बीजेपी के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती विपक्ष नहीं, बल्कि अपनी ही पार्टी के भीतर की नाराजगी है। अगर बागी नेताओं को समय रहते नहीं मनाया गया, तो निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी समीकरण बिगाड़ सकते हैं।
- हिमंत बिस्वा सरमा और दिलीप सैकिया खुद मैदान में उतरकर नुकसान को कम करने की कोशिश करने में लगे तो हैं लेकिन वो सफल होंगे या नहीं, ये चुनाव की दिशा तय कर सकते हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि पार्टी का यह डैमेज कंट्रोल कितना सफल रहता है।
असम में कब हैं चुनाव?
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। बीजेपी 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और उसने 28 पूर्व कांग्रेस नेताओं को टिकट दिया है।
-
Assam Chunav से पहले भाजपा को तगड़ा झटका, मौजूदा मंत्री कांग्रेस में हुईं शामिल, कौन है ये महिला नेता? -
क्या भारत में 'LOCKDOWN' लगने वाला है? दुनियाभर में Energy Lockdown की शुरुआत! तेल संकट से आप पर कितना असर -
Badshah Caste: बॉलीवुड के फेमस रैपर बादशाह की क्या है जाति? क्यों छुपाया असली नाम? कौन-सा धर्म करते हैं फॉलो? -
Iran Vs America War: अमेरिका ने किया सरेंडर! अचानक ईरान से युद्ध खत्म करने का किया ऐलान और फिर पलटे ट्रंप -
Gold Silver Rate Today: सोने चांदी में जबरदस्त गिरावट, गोल्ड 8000, सिल्वर 13,000 सस्ता, अब ये है लेटेस्ट रेट -
Silver Rate Today: चांदी में हाहाकार! 13,606 रुपये की भारी गिरावट, 100 ग्राम से 1 किलो की कीमत जान लीजिए -
Silver Rate Today: चांदी भरभरा कर धड़ाम! ₹10,500 हुई सस्ती, 100 ग्राम के भाव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ये है रेट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच -
Gold Rate Today: सोने के दामों में भारी गिरावट,₹10,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22k से 18k के भाव -
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच धराशायी हुआ सोना! 13,000 सस्ता, 18K और 22k गोल्ड की ये है कीमत -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट, कहां पहुंचा रेट? -
Bengaluru Metro Pink Line: मेट्रो पिंक लाइन का शुरू हो रहा ट्रायल, जानें रूट और कब यात्री कर सकेंगे सवारी? -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर -
15289 करोड़ रुपये में बिक गई राजस्थान रॉयल्स, कौन हैं खरीदने वाले काल सोमानी, IPL से पहले मचा तहलका















Click it and Unblock the Notifications