असम से AFSPA, अशांत क्षेत्र अधिनियम वापस लें: राज्य सरकार की केंद्र से सिफारिश
असम के मुख्यमंत्री राज्य से इस अधिनियम को हटाने पर जोर दे रहे हैं। पि
Assam AFSPA: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून यानी अफस्पा (AFSPA) और अशांत क्षेत्र अधिनियम को हटाने पर जोर दे रहे हैं। इसी के साथ गृह मंत्री अमित शाह से भी इस मुद्दे पर हाल ही में चर्चा की थी है। अब राज्य सरकार ने केंद्र से इसे हटाने की सिफारिश की है।
असम में भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से पूरे राज्य से अशांत क्षेत्र अधिनियम और सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (एएफएसपीए) को हटाने की सिफारिश की है।

सीएमओ ने दी जानकारी
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इसकी जानकारी साझा की गई है। जिसमें केंद्र से सिफारिश के लिए सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को श्रेय दिया गया है। सीएमओ की ओर से कहा गया है कि असम मंत्रिमंडल ने सिफारिश की है कि इस दिसंबर में कोकराझार में विधानसभा की बैठक बुलाई जाए।
असम कैबिनेट बैठक में फैसला
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में शुक्रवार शाम असम कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कई निर्णयों पर फैसला किया गया, जिसमें से एक अफस्पा (AFSPA) और अशांत क्षेत्र अधिनियम को लेकर केंद्र को सिफारिश भेजना भी शामिल है।
पिछले महीने सीएम सरमा ने आश्वासन दिया था कि राज्य सरकार इस साल के अंत तक पूरे राज्य से एएफएसपीए हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
अमित शाह से असम सीएम की मुलाकात
इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार (4 सितंबर) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी, जिसमें उन्होंने गृह मंत्री के साथ राज्य से पूरी तरह से सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (अफस्पा) को वापस लेने पर चर्चा की।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि 'मैं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिला, जहां असम से सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम की पूर्ण वापसी के रोडमैप पर चर्चा की। असम सरकार गृह मंत्री के सुझावों के आधार पर आगे कदम उठाएगी।
AFSPA भारत की संसद का एक अधिनियम है, जो भारतीय सशस्त्र बलों को "अशांत क्षेत्रों" में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष शक्तियां प्रदान करता है। इस बीच अशांत क्षेत्र अधिनियम कहता है कि एक बार जब किसी क्षेत्र को 'अशांत' घोषित कर दिया जाता है, तो उसे कम से कम तीन महीने तक यथास्थिति बनाए रखनी होती है। असम में अशांत क्षेत्र अधिसूचना 1990 से लागू है।
आठ जिलों में अभी भी लागू
इससे पहले, AFSPA के तहत लगाया गया अशांत क्षेत्र- आठ जिलों को छोड़कर पूरे असम राज्य से हटा दिया गया था। वर्तमान में यह अधिनियम तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट, गोलाघाट, कार्बी आंगलोंग और दिमा हसाओ जिलों में लागू है।












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