कोरोना को कैसे हराया,अशोक कपूर-रामगम्पा तेजा ने 'मन की बात' में बताया
नई दिल्ली- लॉकडाउन की घोषणा के बाद रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले 'मन की बात' कार्यक्रम किया है। इस कार्यक्रम में उन्होंने ऐसे लोगों से बात की है, जो कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे, लेकिन अपने हौसले के दम पर और कोरोना वीरों के संघर्ष की बदौलत आज वे पूरी तरह से स्वस्थ होकर सामान्य दिनचर्या में लौटे हैं। पीएम मोदी ने ये बातचीत अशोक कपूर और रामगप्पा तेजा के साथ की है।
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पीएम मोदी ने आगरा के जिस कारोबारी अशोक कपूर से बात की है, वो और उनके परिवार के सभी 6 सदस्य, कोविड-19 से संक्रमित पाए गए थे। लेकिन, अब वे सभी पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। बता दें कि अशोक कपूर के दो बेटे और दामाद कारोबार के सिलसिले में इटली गए थे। वहां से लौटकर आने पर उनके दामाद में कोरोना के लक्षण दिखाई दिए थे। जिसके बाद उनके दोनों बेटों का भी टेस्ट हुआ और फिर पूरे परिवार को भी बुलाया गया। तब पता चला कि परिवार के सभी छह सदस्य संक्रमित हैं। उन्होंने कहा, 'मैं और मेरे परिवार के 6 लोग कोरोना पीड़ित पाए गए थे। हमें आगरा से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल एंबुलेंस से भेजा गया। हमें 14 दिन अस्पताल में ही रखा गया। डॉक्टरों और अन्य स्टाफ ने हमारा बहुत ख्याल रखा।'
इसी तरह पीएम मोदी ने कोरोना वायरस से हाल ही में ठीक होने वाले रामगप्पा तेजा से भी बात की है। तेजा ने पीएम के साथ 'मन की बात' में अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि, उन्हें काम की वजह से दुबई जाना पड़ा था। उसके बाद वे कोरोना से पीड़ित हो गए। शुरू में वो तो डर गए थे, लेकिन डॉक्टरों और नर्सों ने उनका साहस बढ़ाया। उन्होंने लोगों से कहा कि क्वारंटाइन जेल जैसा नहीं है और लोग नियमों का पालन करके पूरी तरह से ठीक हो सकते हैं।
इस दौरान पीएम मोदी ने उन्हें सुझाव दिया कि वे अपने इस सफर के बारे में अपना ऑडियो सोशल मीडिया पर डालकर उसे वायरल करें। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि 'कोरोना वायरस से लड़ने वाले कई ऐसे सेनानी हैं, जो अपने घरों से नहीं बल्कि, घरों के बाहर से लड़ाई लड़ रहे हैं। विशेषरूप से हमारे वो भाई और बहन जो नर्सों, डॉक्टरों और पारामेडिकल स्टाफ के तौर पर इस युद्ध में सबसे आगे लड़ रहे हैं।'












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