आखिर क्यों महिला आरक्षण बिल के खिलाफ असदुद्दीन ओवैसी ने किया वोट, बताई वजह
महिला आरक्षण बिल को लोकसभा में पारित कर दिया गया है। इस बिल के पक्ष में 454 वोट पड़े, जबकि दो सांसदों ने इस बिल के विरोध में अपना वोट दिया। इस बिल को मंगलवार को कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पेश किया था। इस विधेयक के जरिए 33 फीसदी महिलाओं को देश की संसद और विधानसभाओं में आरक्षण देने का प्रावधान है। यह संविधान का 128वां संशोधन विधेयक है।

हालांकि इस बिल को लोकसभा में पास कर दिया गया है लेकिन इस बिल के विरोध में दो सांसदों ने वोट किया है। इस बिल के विरोध में एआईएमआईएम के दोनों सांसदों ने वोट किया। बिल का विरोध करने की वजह पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने ओबीसी वर्ग को आरक्षण नहीं देना बताया है।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भारत में ओवैसी की जो आबादी है वो 50 फीसदी से ज्यादा है, आप बिल इसलिए लेकर आ रहे हैं उन महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में मौका मिले जिनका प्रतिनिधित्व नहीं है, जो 50 फीसदी से ज्यादा आबादी है आप उनको नहीं देंगे।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अबतक 17 लोकसभा के चुनाव हुए हैं जिसमे 600 महिलाएं सांसद बनीं जिसमे सिर्फ 25 मुस्लिम महिलाएं जीती हैं। भारत में मुस्लिम महिलाओं की आबादी 7 फीसदी है और उनका प्रतिनिधित्व 0.7 फीसदी है।
ओवैसी ने कहा कि जब आप कानून ला रहे हैं महिलाओं के लिए और उन्ही महिलाओं को नहीं देंगे, ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं को ही आप आरक्षण नहीं देंगे। इसीलिए हमने इस बिल के खिलाफ वोट दिया है ताकि कम से कम यह मालूम हो सके कि दो सांसद ऐसे थे जो ओबीसी महिलाओं और मुस्लिम महिलाओं के लिए लड़ रहे थे।
गुरुवार को इस बिल को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। यहां पास होने के बाद इस बिल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की सहमति के बाद यह बिल कानून बन जाएगा। बता दें कि संसद की नई बिल्डिंग में पास होने वाला पहला बिल महिला आरक्षण बिल ही है।












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