देखें ओवैसी का मेगा प्लान, जिसने बढ़ाया सपा, बसपा का टेंशन
खनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने प्रदेश की सबी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। एमआईएम के इस ऐलान ने सपा, बसपा और भाजपा की मुश्किलों को बढ़ा दिया है।

जय भीम, जय एमआईएम के नारे से उतरेगी पार्टी मैदान में
उत्तर प्रदेश में एमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा कि पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया को शुरु कर दिया है। पार्टी मुख्य रूप से उन विधानसभा सीटों पर ध्यान दे रही हैं जहां मुस्लिम और दलित आबादी अधिक है। पार्टी यूपी में जय भीम जय एमआईएम के नारे के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी।
दलित और मुसलमान वोटों का समीकरण बिगाड़ेगी
उत्तर प्रदेश में एमआईएम दलित और मुस्लिम वोटों पर नजर रख रही है और दोनों वोटों को अपनी ओर करना की योजना बना रही है। फैजाबाद के बीकापुर की विधानसभा सीट पर फरवरी में हुए उपचुनाव में पार्टी को मिले वोटो से पार्टी के हौसले बुलंद हैं। पार्टी के उम्मीदवार प्रदीप कोरी ने चौथा स्थान प्राप्त किया और उन्हें भाजपा से सिर्फ 100 वोट कम मिले।
सपा और बसपा के घर में पार्टी लगायेगी सेंध
मुमकिन है कि पार्टी प्रदेश में सीटें जीतने में विफल रहे लेकिन वह बसपा और सपा के वोटों का समीकरण जरूर बिगाड़ सकती है। पार्टी प्रदेश में सपा के मुस्लिम वोटों के दूर होने को अपनी ओर मोड़ना चाहती है तो बसपा का दलित वोट बैंक भी पार्टी से कुछ हद तक दूर हो रहा है। लिहाजा पार्टी यूपी में दलित और मुस्लिम वोटों के समीकरण को अपनी ओर मोड़ना चाहती है।
उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया शुरु
शौकत अली ने बताया कि बड़ी संख्या में मुस्लिम युवा, दलित और ओबीसी वर्ग के लोग पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक है। उन्होंने बताया कि हम उन लोगों से मिल रहे हैं जो पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते हैं। चुने गये उम्मीदवारों की लिस्ट हम पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को भेजेंगे। जिसपर आखिरी फैसला राष्ट्रीय नेता लेंगे।
रमजान के बाद शुरु होगा मेगा प्लान
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी प्रदेश में कई विशाल रैली करने की योजना बना रही है। रमजान के बीच ओवैसी यूपी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी का रोडमैप घोषित कर सकते हैं। अभी तक पार्टी में 10 लाख लोगों ने सदस्यता ली है। पिछले साल चार जिला पंचायत चुनाव जीतने के बाद पार्टी ने अपना जीत का खाता खोल दिया है। एक सीट आजमगढ़, एक मुजफ्फरनगर और दो सीटें बलरामपुर में पार्टी ने दो सीटें जीती थी। यहां गौर करने वाली बात है कि इनमें से दो उम्मीदवार हिंदू थे।












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