कांग्रेस में वापस आए अरविंदर सिंह लवली, बोले- भाजपा में जाने का फैसला पीड़ा में लिया था
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नई दिल्ली। बीते साल अप्रैल में भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले अरविंदर सिंह लवली ने आज फिर कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष अजय माकन की मौजूदगी में लवली की वापसी हुई। इस दौरान लवली ने कहा कि 'मेरे लिए भाजपा ज्वाइन करना कोई खुशी की बात नहीं थी। पीड़ा में लिया हुआ फैसला था वो। विचारधारा के तौर पर मैं वहां फिट नहीं थाा।' बता दें कि 18 अप्रैल 2017 को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और शीला सरकार में मंत्री रहे अरविंदर सिंह लवली ने बीजेपी का दामन थाम लिया था। लवली की वापसी पर कांग्रेस नेता शीला दीक्षित ने कहा कि मुझे काफी अच्छा लग रहा है कि वो वापस आ गए हैं। उन्होंने यह महसूस किया कि अपना घर ही अच्छा होता है।

अजय माकन से नाराज थे लवली
जानकारी के मुताबिक अरविंदर सिंह लवली, दिल्ली कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष अजय माकन से नाराज थे। माना जा रहा था कि इसी वजह से उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। अरविंदर सिंह लवली दिल्ली कांग्रेस के बड़े नेता रहे हैं। वो दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार में मंत्री भी थे।

वापसी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का बड़ा रोल
हालांकि भाजपा में जाने के बाद लवली को खास अहमियत नहीं दी गई। भाजपा में शामिल होने के 10 महीने बाद ही वो वापस कांग्रेस में लौट आए। सूत्रों की मानें तो लवली की वापसी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का बड़ा रोल है। राहुल के करीबी सूत्रों ने जानकारी दी कि उन्होंने अजय माकन से कहा कि वो सभी को साथ लेकर चलें ताकि कांग्रेस आगामी चुनावों में अपना प्रदर्शन अच्छा कर सके।

तब दीक्षित और माकन आए थे एक साथ
इससे पहले अजय माकन और दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित भी एक मंच पर आए थे। केजरीवाल सरकार के तीन साल पूरे होने पर कांग्रेस ने दिल्ली आप सरकार के तीन साल के कामकाज के खिलाफ 40 पेज की 'चार्जशीट' जारी की थी। इसी दौरान दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन समेत कई नेता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे।












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