'गुजरात में सरकार बनने के बाद ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करेंगे', वडोदरा में केजरीवाल का वादा
'सरकार बनी तो गुजरात में पुरानी पेंशन योजना बहाल करेंगे', वडोदरा में केजरीवाल का वादा
अहमदाबाद, 20 सितंबर: आम आदमी पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। चुनाव से पहले केजरीवाल सियासी जमीन को मजबूत करने के लिए लगातार गुजरात को दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में अरविंद केजरीवाल मंगलवार को एकदिवसीय दौरा पर वडोदरा पहुंचे, जहां उन्होंने दावा किया कि अगर गुजरात की सत्ता में उनकी पार्टी आती है तो पुरानी पेंशन योजना को बहाल करेंगे।

अरविंद केजरीवाल ने वडोदरा के टाउन हॉल में आयोजित हुए कार्यक्रम में कहा कि उनकी पार्टी के सत्ता में आने के बाद गुजरात में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लागू किया जाएगा। अपने बयान में दिल्ली सीएम ने कहा कि गुजरात के सरकारी कर्मचारी कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। वे मांग करते हैं कि पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाना चाहिए। पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में ओपीएस लागू करने के आदेश दिए हैं। हम गुजरात में सरकार बनाने के बाद पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करेंगे।
मीडियो को संबोधित करते हुए आप संयोजक ने कहा कि गुजरात के सरकारी कर्मचारी कई दिनों से व्यग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि Old Pension Scheme लागू की जाए। भगवंत मान जी ने पंजाब में OPS लागू करने की तैयारी के आर्डर दे दिए हैं। हम गुजरात में भी सरकार बनने के बाद ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करेंगे।
इसी के साथ अरविंद केजरीवाल ने आगे यह भी साफ किया कि अगर आप राज्य में सरकार बनाती है तो गुजरात में शराब नीति वही रहेगी। कांग्रेस और बीजेपी पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि दोनों पार्टी गुजरात के लोगों के लिए अच्छी सुविधाएं नहीं चाहते हैं और इसलिए वे उन्हें 'दुरुपयोग' करने के लिए चुनाव में बड़े नेताओं को मैदान में उतारेंगे।
वहीं वडोदरा एयरपोर्ट के बाहर केजरीवाल के स्वागत के दौरान लगने वाले 'मोदी, मोदी' के नारों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि नारे लगाने वाले लगभग 30-40 लोगों का पार्टी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा, "बीजेपी सिर्फ एक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। बीजेपी को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मुझे समझ में नहीं आता कि वे राहुल गांधी के खिलाफ नारे क्यों नहीं लगाते? कुछ लोग, लगभग 30 से 40 लोगों के मेरे खिलाफ नारे लगाने से हम पर कोई असर नहीं पड़ता।"












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