दिल्ली पुलिस के मुद्दे पर जनता को बेवकूफ बना रहे हैं अरविंद केजरीवाल!
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और केंद्र सरकार के बीच दिल्ली पुलिस को लेकर खींचतान मची हुई है। केजरीवाल ने आज फिर रेडियो के माध्यम से दिल्ली पुलिस को दिल्ली सरकार के हाथ में दिये जाने की अपील की है।
जिस तरह से अरविंद केजरीवाल पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में बढ़े अपराध को लेकर पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी को तलब किया था उसने सरकार और पुलिस के बीच तनाव और बढ़ा दिया है।
लेकिन इन सब के बीच यह समझने की जरूरत है कि जो मांग केजरीवाल कर रहे हैं वह हकीकत में कहां तक संविधान के अनुसार हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 239एए के क्लास 3(ए) में दिल्ली की पुलिस की संवैधानिक परिभाषा का उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार दिल्ली पुलिस संसद के अधीन है।
Who is Kejriwal trying to befool Arvind Kejriwal has repeatedly said that the Central Goverment should hand over...
Posted by Markandey Katju on Monday, July 20, 2015
ऐसे में दिल्ली पुलिस को दिल्ली सरकार के अधीन करने के लिए संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता होगी। इसके लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी। अनुच्छेद 368 के अनुसार दोनों सदनों में इस संशोधन को पास कराना होगा। ऐसे में सिर्फ केंद्र सरकार की समहमति से दिल्ली पुलिस को दिल्ली सरकार के अधीन नहीं किया जा सकता है।
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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने कहा है कि केजरीवाल दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहुत से लोगों को संविधान के बारे में नहीं पता है ऐसे में केजरीवाल को लगता है कि वह सभी को बेवकूफ बना सकते हैं।













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