केजरीवाल की तानाशाही को योगेंद्र का तमाचा, खुन्नस मत निकालो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी में जिस तरह से भीतरी कलह सामने आ रही है वह पार्टी की हकीकत को लोगों के सामने ला रही है। पार्टी की रीढ़ कहे जाने वाले योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण पर भी महत्वाकांक्षी और लालची होने का आरोप लगाकर पार्टी से बाहर किये जाने की नींव तैयार की जा चुकी है।

आप आदमी पार्टी में केजरीवाल समर्थकों ने दोनों शीर्ष नेताओं पर जमकर कीचड़ उछाली लेकिन इस बार योगेंद्र और प्रशांत ने सीधे अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला है।
इस बार योगेंद्र और प्रशांत ने औपचारिकताओं को भुलाकर केजरीवाल के पर्दे की पीछे की राजनीति की बखिया उधेड़ कर रख दी है।
- हमने आपसे बेंगलुरू से वापस आने के बाद मिलने का समय मांगा लेकिन 10 दस दिन बीत जाने के बाद भी आप हमसे नहीं मिले।
- हमने ऐसा क्या किया है, अरविन्द भाई, जो आप हमसे इतनी व्यक्तिगत खुंदक पाले हुए है?
- हमने कहा था कि पार्टी अपने वादे के मुताबिक़ RTI के तहत आना स्वीकार करे। हमें बताया गया कि पार्टी कुछ जानकारी सार्वजनिक कर देगी, लेकिन RTI के दायरे में आना व्यवहारिक नहीं है।
- आपकी ओर से बात कर रहे साथी घुमा-फिरा कर एक ही आग्रह बार-बार दोहराते थे कि हम दोनों अब राष्ट्रीय कार्यकारिणी से इस्तीफ़ा दे दें। कारण यही बताया जाता था कि यह आपका व्यक्तिगत आग्रह है, आपने कहा है कि जब तक हम दोनों राष्ट्रीय कार्यकारिणी में हैं तब तक आप राष्ट्रीय संयोजक के पद पर काम नहीं कर सकते।
- कुल मिलाकर आपकी तरफ से सन्देश आ रहा है की या तो शराफत से इस्तीफ़ा दे दो, या फिर अपमानित करके निकाला जायेगा। ये सब आपके सलाहकार ही नहीं, आप खुद कहलवा रहे हैं यह सुनकर हमें बहुत दुःख और धक्का लगा है।












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