जीएसटी पर विशेष सत्र के बॉयकॉट को लेकर जेटली ने कांग्रेस पर साधा निशाना
जीएसटी पर अब विपक्षी पार्टियों से और बातचीत नहीं
नई दिल्ली। 1 जुलाई के देशभर में लागू हो रहे वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर विपक्ष के विरोध पर सरकार ने कड़ा रुख दिखाया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी पर काफी चर्चा के बाद इसे लाया गया है और उन्होंने नहीं लगता कि इस पर और चर्चा की गुंजाइश है।

विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने फैसला किया है कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) के लिए 30 जून और 1 जुलाई की मध्य रात्रि जो संसद का सत्र बुलाया गया है उसमें पार्टी सांसद हिस्सा नहीं लेंगे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी जीएसटी को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की है। कांग्रेस और विपक्ष के इसी रुख पर वित्त मंत्री ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जो लोग जीएसटी पर चर्चा और फैसले की प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैं उन्हें यह स्वीकार करना होगा कि यह अकेले सरकार का फैसला नहीं है बल्कि काफी बहस के बाद आया है। ऐसे में विपक्ष का बॉयकॉट समझ में नहीं आता।
केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने कहा कि जीएसटी कोई अचानक नहीं आ गया है और ना ही इसे बिना चर्चा के लाया गया है तो फिर इसके बॉयकॉट की क्या वजह है। उन्होंने कहा कि जीएसटी पर विपक्ष का रुख समझ से परे है, उन्हें बॉयकॉट पर सोचना चाहिए।
गौरतलब है कि 1 जुलाई से देशभर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू हो जाएगा। जीएसटी देश में लगने वाले सभी अप्रत्यक्ष करों की जगह लेगा। जीएसटी 'एक देश, एक कर' नीति के तहत लागू किया जा रहा है। पिछले काफी दिन से विरोध और समर्थन, दोनों ही वजहों से जीएसटी चर्चा में है। 1 जुलाई को जीएसटी के लागू होने से पहले शुक्रवार (30 जून) रात को संसद में विशेष कार्यक्रम किया जाएगा और रात को 12 बजे जीएसटी को इस कार्यक्रम में लॉन्च किया जाएगा। 80 मिनट के इस कार्यक्रम में देशभर से मशहूर हस्तियां शामिल होंगी।












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