अरुण जेटली ने बढ़ाया रक्षा बजट, पर चीन से तीन गुना कम
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)। नरेंद्र मोदी सरकार का बजट पहला पूर्ण बजट पेश करते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रक्षा सेनाओं के आधुनिकीकरण और उनका मनोबल बढ़ाने का संदेश देते हुए रक्षा बजट में दो लाख, 46 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा।
बीते वित्त वर्ष में रक्षा क्षेत्र के लिए 2 लाख 22 हजार करोड़ रुपये रखे गए थे। जानकार मानते हैं कि हालांकि रक्षा क्षेत्र के लिए पर्याप्त धन की व्यवस्था की गई है, पर चीन का रक्षा बजट भारत से तीन गुना ज्यादा है। चीन का रक्षा बजट करीब 132 बिलियन डालर का है।
सोने का सिक्का
इसके साथ ही अब अशोक चक्र के साथ सोने का सिक्का भी मिलेगा। रक्षा विशेषज्ञ मान रहे हैं कि भारत के दो पड़ोसी मुल्कों के लगातार सीमा पर गड़बड़ करने को देखते हुए बजट में पर्याप्त धन का प्रस्ताव है। हालांकि रक्षा बजट का एक बड़ा हिस्सा चला जाता है वेतन और पेंशन को देने में।
हालांकि, कहने वाले कह रहे हैं कि चालू वित्त वर्ष में बड़े रक्षा खरीद सौदों की राह अब भी मुश्किल है। इस बढ़ोतरी के बावजूद मौजूदा बजट में काफी समय से लंबित 126 लड़ाकू विमान खरीद परियोजना के लिए कोई अतिरिक्त आवंटन नहीं किया गया है।
जानकारों का कहना है कि सरकार को रक्षा क्षेत्र के लिए हर वक्त पर्याप्त धन की व्यवस्था के लिए तैयार रहना चाहिए।













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