Article 370: कैसे बीती फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की ईद
श्रीनगर: सोमवार को देशभर में ईद-उल-अजहा मनाई जा रही हैं। ईद के मौके पर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबल पूरी तरह मुस्तैद हैं। अनुच्छेद 370 हटने के हफ्ते भर बाद ही ईद को देखते हुए सुरक्षा के चाक चौंबद बन्दोबस्त हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक श्रीनगर की अधिकांश बड़ी मस्जिदों में ईद के नमाज की अनुमति नहीं दी गई। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के लिए इस बार ईद उल अजहा का त्योहार खामोशी भरा रहा।

कैसी रही पूर्व मुख्यमंत्रियों की ईद?
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की ईद इस बार और सालों की अपेक्षा फीकी रही। इससे पहले ईद में उनके घरों में समर्थकों, दोस्तों, परिवार के सदस्यों की भीड़ लगी रहती थी। इस बार अनुच्छेद 370 हटाने के बाद तीनों नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था। उनके आवासों के बाहर केवल सुरक्षा गाड़ियां ही नजर आ रही थीं।

हिरासत में हैं तीनों नेता
अधिकारियों ने बताया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला अपने आवास पर नजरबंद हैं। वहीं उनके बेटे उमर अब्दुल्ला हरि निवास पैलेस में हैं। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पार्टी) प्रमुख महबूबा चश्मे शाही हट में हैं। अधिकारियों ने बताया कि पांच अगस्त को जिन दूसरे नेताओं को पकड़ा गया था, उन्होंने यहां सेंटूर होटल में नमाज अदा की। सरकार ने उनके लिए एक मौलवी को भी भेजा था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्वीट किया कि ईद की नमाज़ शांतिपूर्ण रही।

सड़कों से रौनक रही गायब
श्रीनगर की छोटी-छोटी मस्जिदों में ईद की नमाज आयोजित की गई। लेकिन कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगे होने के कारण सड़कों से त्योहार की रौनक गायब रही। गौरतलब है कि केंद्र सरकार की तरफ से जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के बाद से ही राज्य के बड़े हिस्से में पिछले हफ्ते से सिक्योरिटी लॉकडाउन है। हालांकि गृह मंत्रालय की प्रवक्ता वसुधा गुप्ता ने ट्वीट किया, 'अनंतनाग, बारामुला, बडगाम, बांदीपोर के सभी स्थानीय मस्जिदों में ईद की नमाज बिना किसी अप्रीय घटना के अदा की गई। पुराने शहर बारामुल्ला के जामिया मस्जिद में लगभग 10,000 लोगों ने नमाज अदा की।












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