Article 370 Abrogation 5th Anniversary: अमरनाथ यात्रा स्थगित, सुरक्षा कड़ी, जानिए क्या था अनुच्छेद 370?
Article 370 Abrogation 5th Anniversary: आज जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने की पांचवीं वर्षगांठ है। आज के ही दिन धरती की जन्नत से अनुच्छेद 370 हटाकर उसे भारत के आम राज्यों में शामिल किया गया था।
तब से लेकर अब तक इस राज्य में काफी कुछ बदल गया है, फिलहाल आज के मद्देनजर राज्य में सुरक्षा को बढ़ा दी गई है और हाई अलर्ट कर दिया गया है, ड्रोन के जरिए राज्य के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।

और यही नहीं अमरनाथ यात्रा करने वाले नए जत्थे को आज रवाना होने की परमिशन नहीं मिली है यानी कि यात्रा को आज के लिए स्थगित कर दिया गया है। पुलिस ने सुरक्षा काफिले और अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों को बेस कैंपों के बीच आवाजाही ना करने भी अपील की है।
मालूम हो कि भाजपा आज जम्मू-कश्मीर के भारत के साथ 'पूर्ण एकीकरण' का जश्न मना रही है। आज उसने यहां के आरएस पुरा के बाना सिंह स्टेडियम में 'एकात्म महोत्सव' रैली आयोजित की है, जिसकी वजह से राज्य में सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई है।
जम्मू और कश्मीर में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए
भाजपा का कहना है कि 'बीते पांच सालों में जम्मू और कश्मीर में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं। राज्य में कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत हुई और निवेशकों के लिए नए अवसर खुले हैं। उसका पूरा प्रायस है कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचे में सुधार हो और स्थानीय जनता को अधिक से अधिक जॉब और शिक्षा का अवसर मिले।'
आपको बता दें कि 2024 के आम चुनावों के परिणाम के बाद बीते दो महीने में राज्य में काफी आतंकी हमले हुए हैं जिससे एक बार फिर से लोगों की पेशानी पर बल पड़ गया है लेकिन केंद्र सरकार की ओर से बार-बार यही कहा जा रहा है कि वो घाटी को हर हालत में आतंक मुक्त कराकर ही दम लेगी।
अनुच्छेद 370 हटने की 5वीं वर्षगांठ
5 अगस्त 2019 को, भारत सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने का ऐलान किया था। मालूम हो कि Article 370 भारत के संविधान का एक विशेष अनुच्छेद था, जो जम्मू और कश्मीर राज्य को विशेष स्वायत्तता प्रदान करता था।
एक अलग संविधान, एक अलग झंडा...
इसके तहत जम्मू और कश्मीर को एक अलग संविधान, एक अलग झंडा और आंतरिक प्रशासन में स्वायत्तता प्राप्त थी। अनुच्छेद 370 के कारण, भारतीय संसद को राज्य के मामलों में सीमित अधिकार प्राप्त थे और किसी भी कानून को राज्य में लागू करने के लिए राज्य सरकार की सहमति आवश्यक होती थी।
अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने का लिया गया था फैसला
2019 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने संसद में एक प्रस्ताव पेश किया, जिसके तहत अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने और जम्मू और कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों - जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने का प्रस्ताव रखा गया। यह निर्णय भारतीय संसद के दोनों सदनों द्वारा बहुमत से पारित हुआ और 5 अगस्त 2019 से लागू हो गया।












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