Jammu & Kashmir : चार नेता नजरबंदी से रिहा, Article 370 हटाए जाने के बाद से थे हिरासत में
श्रीनगर। एक बड़ी खबर कश्मीर से है,अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद हिरासत में लिए गए नेशनल कॉन्फ्रेंस के तीन नेताओं अब्दुल मजीद, गुलाम नबी भट और डॉ. मोहम्मद शफी को मुक्त कर दिया गया है। इसके अलावा मोहम्मद युसुफ भट को भी छोड़ दिया गया है, इससे पहले 17 जनवरी को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने हाजी अब्दुल रशीद, नजीर अहमद गुरेजी, मोहम्मद अब्बास वानी और पूर्व मंत्री अब्दुल हक खान को रिहा किया था।

बताया जा रहा है कि इन नेताओं की रिहाई के साथ वर्तमान में कश्मीर घाटी में हिरासत में 17 नेता बचे हैं, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती शामिल हैं, मालूम हो कि मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को खत्म करते हुए जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर दिया था, इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों यानी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था।
उमर की तस्वीर पर हुआ था बवाल
हाल ही में उमर अब्दुल्ला की एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें उनकी काफी बड़ी दाढ़ी दिख रही थी, जिसे देखने के बाद कुछ नेताओं ने उमर के लिए काफी चिंता व्यक्त की थी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उमर की तस्वीर को देखने के बाद ट्वीट किया था कि मैं इस फोटो में उमर को पहचान नहीं सकी, मैं बहुत दुखी हूं। दुर्भाग्य है कि हमारे लोकतांत्रिक देश में ऐसा हो रहा है। इसका अंत कब होगा?
डीएमके चीफ एमके स्टालिन ने कहा था व्यथित हो गया हूं
तो वहीं डीएमके चीफ एमके स्टालिन में उमर अब्दुल्ला की तस्वीर को देखकर कहा था कि मैं बहुत व्यथित हूं।द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने सोमवार को ट्विटर के जरिए उमर अब्दुल्ला की रिहाई की मांग करते हुए लिखा था कि फारुक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और अन्य कश्मीरी नेताओं के लिये समान रूप से चिंतित हूं जो बिना मुकदमे या तय प्रक्रिया के पालन के हिरासत में हैं। केंद्र सरकार को तत्काल सभी राजनीतिक बंदियों को बरी करना चाहिए और घाटी में सामान्य हालात बहाल करने चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications