साल 2012 में Indian Army चीफ जनरल नरवाणे ने चीन पर की थी भविष्‍यवाणी, अब सच होने लगी

नई दिल्‍ली। लद्दाख में भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर पिछले करीब 20 दिन से तनाव बना हुआ है। दोनों ही तरफ सैनिकों का भारी जमावड़ा है। आप यकीन नहीं मानेंगे मगर आर्मी चीफ जनरन मनोज मुकुंद नरवाणे ने साल 2012 में चीन को लेकर जो भविष्‍यवाणी की थी, वह लद्दाख में अब सच साबित होने लगी है। नरवाणे उस समय मध्‍य प्रदेश के महो में आर्मी वॉर कॉलेज में सीनियर फैकल्‍टी थे और उन्‍होंने यहां पर चीन के वॉर जोन कैंपेन को लेकर पेपर लिखा था।

छोटे विरोधियों पर बल प्रयोग की भविष्‍यवाणी

छोटे विरोधियों पर बल प्रयोग की भविष्‍यवाणी

जनरल नरवाणे साल 2012 में ब्रिगेडियर थे और उनका जो पेपर पब्लिश हुआ था उसमें उन्‍होंने चीन की रणनीतियों को लेकर एक झलक दे दी थी। उस समय ब्रिगेडियर नरवाणे ने लिखा था कि चीन बलपूर्वक अपने छोटे विरोधियों के साथ जोर-जबरदस्‍ती करना चाहेगा। वह तब तक ऐसा करता रहेगा जब तक कि उसकी मांग पूरी नहीं हो जाती। उन्‍होंने लिखा था कि चीन की यह मंशा तब सामने आ जाती है जब वह अपनी एलीट सेना के जरिए जमीन या फिर उच्‍च मूल्यों वाले लक्ष्‍यों को हासिल करने की कोशिश करता है।

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    नरवाणे के पास LAC का अच्‍छा-खासा अनुभव

    नरवाणे के पास LAC का अच्‍छा-खासा अनुभव

    जनरल नरवाणे के मुताबिक पहले फेस में चीनी की पीपुल्‍स लिब्रेशन ऑफ आर्मी (पीएलए) का मकसद दुश्‍मन को जवाब देने के लिए अपनी सीमा में मौजूदगी को बढ़ाएगा। दूसरे फेज में चीन रैपिड रिएक्‍शन यूनिट्स की तैनाती करेगा ताकि वह दुश्‍मन की किसी भी पहल का जवाब दे सके। आखिरी चरण में क्विक बैटल रेजोल्‍यूशन को पूरी तरह से समर्पित सेना घोषित कर दिया जाएगा। आर्मी चीफ जनरल नरवाणे पीएलए पर कई फॉरवर्ड पोस्‍ट्स पर तैनात रहे हैं। उन्‍हें भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर की एलएसी का अच्‍छा-खासा अनुभव है।

    चीन को दी थी सलाह

    चीन को दी थी सलाह

    जनरल नरवाणे को चीन से जुड़े मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। उप-सेना प्रमुख के पद पर नियुक्‍त होने से पहले वह कोलकाता स्थित ईस्‍टर्न आर्मी कमांड के मुखिया रह चुके हैं। इस कमांड पर ही पूर्वी क्षेत्र से लगी भारत-चीन की सीमा की सुरक्षा जिम्‍मेदारी है। जनरल नरवाणे ने साल 2017 में डोकलाम विवाद पर बड़ा बयान दिया था। उन्‍होंने कहा था, 'भारतीय सेना अब 1962 वाली सेना नहीं है और अगर चीन कहता है कि इतिहास को मत भूलो, तो हम उन्‍हें भी यही बात कहना चाहेंगे।'

    अब डोकलाम जैसे संकट से निबट सकता है भारत

    अब डोकलाम जैसे संकट से निबट सकता है भारत

    जनरल नरवाणे ने साल 2017 में कहा था कि डोकलाम संकट के समय चीन पूरी तरह से तैयार ही नहीं था। नरवाणे ने चीन को धमकी भी दी थी और कहा था कि अगर चीन ने अगर 100 बार सीमा लांघी है तो भारत ने दोगुनी संख्‍या से यही काम किया है। जनरल नरवाणे के मुताबिक भारत अब डोकलाम जैसे किसी भी खतरे से निबटने के लिए पूरी तरह से सक्षम है।

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