सेना ने संसदीय कमेटी को बताया, कैसे की गई सर्जिकल स्ट्राइक
नई दिल्ली। शुरुआत में विरोध के बाद शुक्रवार को सेना ने डिफेंस की स्थायी संसदीय समिति के कुछ सदस्यों को सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बताया। 29 सितंबर को हुई इस सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में आर्मी स्टाफ के वाइस चीफ लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत ने कमेटी को विस्तृत जानकारी दी।

कमेटी में शामिल सदस्यों में से एक सदस्य ने बताया कि आर्मी की तरफ से काफी संवेदनशील मुद्दे पर बयान जारी किया गया, लेकिन कोई सवाल नहीं लिए गए।
एनडीए के एक सदस्य ने कहा कि कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री इस मुद्दे पर सवाल पूछना चाहते थे, लेकिन पैनल के प्रमुख मजिस्ट्रेट जनरल बी सी खंडूरी (रिटायर्ड) ने मना कर दिया। हालांकि, सवाल पूछने से मना करने को लेकर बहस भी हुई, लेकिन आखिरकार सवाल पूछने को मंजूरी नहीं दी गई।
शुरुआत में सर्जिकल स्ट्राइक पर ब्रीफिंग रक्षा मंत्रालय की तरफ से की जानी थी, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया। यह बदलाव रक्षा मंत्रालय, कानून मंत्रालय और चुनाव आयोग के अधिकारियों द्वारा ई पोस्टल बैलेट सिस्टम को लागू करके किया गया। कांग्रेस के दो वरिष्ठ सदस्यों अंबिका सोनी और मिस्त्री ने एजेंडा बदलने को पूरी तरह से गलत ठहराया।












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