April Weather Alert: अप्रैल में सताएगी ‘जेठ’ की गर्मी! इन राज्यों में भीषण लू, जानें IMD का चौंकाने वाला अलर्ट
April Weather Alert: अगर आपको लग रहा है कि मार्च के गर्म दिन बस शुरुआत थे, तो अप्रैल और भी ज्यादा तपाने वाला है! भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस बार अप्रैल से जून तक जबरदस्त गर्मी पड़ने वाली है।
उत्तर भारत, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और दिल्ली समेत कई राज्यों में हीटवेव यानी लू चलने की संभावना जताई गई है। IMD के मुताबिक, इस साल सामान्य से 2-4 दिन ज्यादा लू वाले दिन रह सकते हैं, जिससे गर्मी का प्रकोप और बढ़ जाएगा।

कौन-कौन से राज्य होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित?
IMD की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु के उत्तरी हिस्से में तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है।
दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत में भी 2-3 दिन लू चल सकती है, जबकि बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में यह 5-6 दिन तक हो सकती है।
बिजली और पानी की किल्लत बढ़ने का खतरा
IMD की इस भविष्यवाणी से एक और चिंता बढ़ गई है - बिजली और पानी की किल्लत! बिजली की मांग 270 गीगावाट तक पहुंच सकती है, जो पिछले साल के रिकॉर्ड 250 गीगावाट से भी ज्यादा होगी। एयर कंडीशनर और कूलर की खपत बढ़ेगी, जिससे बिजली ग्रिड पर दबाव पड़ेगा। पानी की कमी का भी खतरा रहेगा, खासकर उन इलाकों में जहां पहले से ही जल संकट है।
क्या होगा फसलों पर असर?
गर्मी बढ़ने से गेहूं और अन्य रबी फसलों को नुकसान हो सकता है। 2022 में भी अत्यधिक गर्मी के कारण भारत में गेहूं का उत्पादन कम हुआ था, जिससे सरकार को गेहूं निर्यात पर रोक लगानी पड़ी थी।
IMD का सुझाव - लू से कैसे बचें?
- गर्मियों में दिन के 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें।
- हल्के और ढीले कपड़े पहनें, ज्यादा पानी पिएं।
- AC या कूलर न होने पर गीले कपड़े का इस्तेमाल करें।
- बिजली बचाने के लिए ऊर्जा कुशल उपकरणों का उपयोग करें।
कब होता है जेठ का महीना?
हिंदू पंचांग के अनुसार, जेठ (ज्येष्ठ) का महीना आमतौर पर मई और जून के बीच आता है। यह वर्ष का तीसरा महीना होता है और गर्मी (ग्रीष्म ऋतु) का सबसे गर्म समय माना जाता है। अप्रैल के महीने में चैत्र और वैशाख मास आते हैं। जून के महीने में ज्येष्ठ (जेठ) और आषाढ़ मास आते हैं।
एक नजर में समझें-
- चैत्र: मार्च-अप्रैल
- वैशाख: अप्रैल-मई
- ज्येष्ठ (जेठ): मई-जून
- आषाढ़: जून-जुलाई
इस बार अप्रैल से जून तक भीषण गर्मी पड़ने वाली है, जिससे बिजली और पानी की किल्लत बढ़ सकती है। खासकर उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में हीटवेव का खतरा ज्यादा रहेगा। ऐसे में गर्मी से बचने के लिए सावधानी बरतें और ज्यादा से ज्यादा हाइड्रेटेड रहें!












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