'तुष्टिकरण ने सामाजिक न्याय को तबाह किया', पीएम बोले- 2047 में विकसित भारत का तिरंगा होना चाहिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त पर लाल किले से अपने भाषण में तुष्टिकरण का भी जिक्र किया। मोदी ने कहा कि अब लड़ाई भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और परिवारवाद से हैं। जो वर्षों तक इस देश को खोखला करने की वजह बनता रहा। उन्होंने कहा कि पहले देश जरुरी है, न कि परिवारवाद।
मोदी पहले भी अपने भाषणों में तुष्टिकरण की राजनीति और परिवारवाद का जिक्र करते आए हैं। अपने अंदाज में वह कांग्रेस को करारा जबाव भी देते आए। लेकिन अब तक उनके नौ साल के कार्यकाल में पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने खुले मंच से तुष्टिकरण और परिवारवाद शब्द का जिक्र किया।
मोदी बोले कि देश की सामाजिक न्याय व्यवस्था को तबाह करने के कारक तुष्टिकरण बना है। अब लड़ाई इसी से हैं। भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण, इन तीन बुराइयों के खिलाफ पूरे सामर्थ्य से लड़ना है। ये बुराइयां पूरी तरह से जब तक खत्म नहीं होगी, तब तक विकसित देश का संकल्प पूरा नहीं होगा।

पीएम् मोदी 2047 के भारत पर भी बोले। उन्होंने कहा कि 2047 में विकसित भारत का तिरंगा होना चाहिए। आजादी के शताब्दी वर्ष पर गांव-गांव और शहर-शहर का सपना पूरा करना हैं। सामाजिक बदलाव के साथ हर संकल्प को पूरा करना हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को 'दीदी' के रूप में संबोधित किया। मोदी बोले कि उनका सपना गांवों की 2 करोड़ लखपति दीदी बनाने का हैं।












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