जानिये कैसे कलाम साहब का इंटरव्यू में फेल होना देशहित में रहा
लखनऊ। एपीजे अब्दुल कलाम ना सिर्फ दुनियाभर में विख्यात वैज्ञानिक थे बल्कि अपने सरल और साधारण स्वभाव के चलते वह लोगों के दिलों पर राज करते थे। यही वजह है कि उन्हें हर बच्चा अपना प्रेरणा स्त्रोत मानता है। अब्दुल कलाम हमेशा से ही अपने देश के लिए अपना सबकुछ न्योछावर करने के लिए तैयार रहते थे। लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि अगर अब्दुल कलाम साहब को एएफएसबी के इंटरव्यू में कुछ और नंबर मिल गये होते तो वह मिसाइलैन नहीं बल्कि एक पायलट होते।
जी हां अब्दुल कलाम हमेशा से ही एक पायलट बनना चाहते थे। उन्हें एयर फोर्स अकादमी देहरादून में इंटरव्यू के लिए भी बुलाया गया था। कलाम साहब के साथ 24 और उम्मीदवारों को भी साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। कलाम साहब को इस साक्षात्कार में नौवां स्थान प्राप्त हुआ था। लेकिन अब इसे सौभाग्य कहें देश का या कलाम साहब का दुर्भाग्य कि उस साक्षात्कार में सिर्फ 8 लोगों को चुना जाना था और कलाम साहब का पायलट बनने का सपना अधूरा रह गया।
ऐसे में अगर अब्दुल कलाम को इंटरव्यू में कुछ और नंबर मिल गये होते तो वह आज मिसाइल मैन नहीं बल्कि पायलट के रूप में जाने जाते। लेकिन कलाम साहब का जब पायलट बनने का सपना टूटा तो उन्होंने देश को परमाणु शक्ति बनाने का संकल्प लिया और वैज्ञानिक बनकर देश को सुपरपावर बनाने का सपना देखा।













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