'डेल्टा और अल्फा के अलावा देश में कोरोना का कोई नया स्ट्रेन नहीं'
कोरोना वायरस को लेकर डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की भी एक नई रिसर्च सामने आई है।
नई दिल्ली, 23 अगस्त: कोरोना वायरस के दैनिक मामलों में पिछले कुछ दिनों में दिखी कमी के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय की देखरेख में बनी एक्सपर्ट कमेटी ने आगाह किया है कि अक्टूबर में महामारी की तीसरी लहर आ सकती है। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तीसरी लहर में हर रोज 4 से 5 लाख संक्रमण के मामले आ सकते हैं। वहीं, इस बीच डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की भी एक नई रिसर्च सामने आई है। इस रिसर्च में बताया गया है कि भारत में अब तक मिले कोरोना वायरस के सभी मामलों के लिए इसका डेल्टा और अल्फा वेरिएंट ही जिम्मेदार है। रिसर्च के मुताबिक, देश में अब तक इस वायरस का कोई नया स्ट्रेन सामने नहीं आया है।

डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की सचिव रेनू स्वरूप ने इस बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए बताया, 'अभी तक देश में मिले संक्रमण के सभी मामलों की सीक्वेंसिंग में डेल्टा और अल्फा के अलावा कोरोना का कोई नया वेरिएंट नहीं मिला है। कोई भी वायरस किसी व्यक्ति को उस वक्त संक्रमित करता है, जब उस व्यक्ति के अंदर वैक्सीन या नैचुरल इम्युनिटी का सुरक्षा घेरा टूट जाता है। हालांकि कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने, संक्रमित मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने से बचाने और मौतों के खिलाफ वैक्सीन ने अपना प्रभाव दिखाया है।'
तीसरी लहर की आशंका के बीच घट रहे कोरोना के केस
आपको बता दें कि दुनियाभर में कोरोना वायरस के डेल्टा और डेल्टा प्लस वेरिएंट ने भयानक कोहराम मचाया है। भारत में केरल के अंदर ऐसे सबसे ज्यादा केस मिले हैं। हालांकि पिछले कुछ दिनों में देश में कोरोना वायरस के मामले कुछ कम हुए हैं और सोमवार को संक्रमण के नए मामलों की संख्या 30 हजार से कम दर्ज की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटों के अंदर कोरोना वायरस के 25,072 नए मामले मिले हैं, जो पिछले 160 दिनों में सबसे कम हैं। इसके अलावा एक राहत की बात यह भी है कि कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट अब बढ़कर 97.63 फीसदी हो गया है।












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