धर्मांतरण विरोधी कानून: जानें क्या है ये कानून, राज्यों ने क्यों किया है लागू, तोड़ने पर क्या है सजा
कर्नाटक में जिस धर्मांतरण विरोधी कानून को कांग्रेस सरकार ने खत्म कर दिया है, जानिए उसके बारे में सबकुछ,
Anti-conversion law: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने गुरुवार को पिछली भाजपा सरकार द्वारा लागू किए गए धर्मांतरण विरोधी कानून को खत्म करने का ऐलान कर दिया है। ये वो ही कानून है जिसे कर्नाटक में पिछली भाजपा सरकार ने जबरन धर्मांतरण पर सख्त रवैया अपनाते हुए ये कानून लागू किया था।
वहीं कर्नाटक में सत्ता संभालते ही सीएम सिद्धारमैया की कैबिनेट में इस कानून को रद्द करने का ऐलान कर दिया है। जानिए धर्मांतरण कानून के बारे में सबकुछ।

धर्मांतरण विरोधी कानून क्या है?
धर्मांतरण विरोधी कानून जबरन धर्म परिर्वतन की घटनाओं को लगाम लगाने के लिए लागू किया गया है। इस कानून के तहत एक धर्म से दूसरे धर्म में जबरन, धोखे, छल, लालच देकर या बहला फुसला कर धर्म परिर्वन कराना गैरकानूनी है।
किन राज्यों में धर्मांतरण विरोधी कानून है
कर्नाटक ही नहीं देश के अन्य कई राज्यों में ये धर्मांतरण कानून लागू किया जा चुका है। ये धर्मांतरण कानून ओडिशा, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा में लागू है। इनमें अभी तक कर्नाटक भी थी लेकिन कांग्रेस सरकार ने आते ही इसे अब खत्म कर दिया है।
देश भर में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करने की पैरवी कर रही केंद्र सरकार
मोदी सरकार तो इसे देश भर में इस कानून को देश भर में लागू किए जाने की पैरवी कर रही है। जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर है। जिसमें केंद्र सरकार ने जो हलफमाना दाखिल किया है उसमें बताया है कि क्यों इसे लागू करना जरूरी है। इस याचिका में देश भर में काला जादू, अंधिविश्वास, चमत्कार, समेेतअन्य माध्यमों से जबरन धर्म परिवर्तन की घटनाओं का हवाला देते हुए धर्मांतरण विरोधी कानून देश भी में लागू करने की मांग की है।
कानून को लागू करने की क्यों पड़ी जरूरत
धर्मांतरण विरोधी कानून को कर्नाटक समेत अन्य कुछ राज्यों ने इसलिए लागू किया क्योंकि तेजी से जबरन धर्मांतरण की घटनाएं बढ़ रही थी। धोखे, छल, लालच समेत अन्य जरिए से कमजोर नागरिकों को संगठित और व्यस्थित तरीके से बड़ी संख्या में धर्मांतरण किए जा रहे हैं। इसके उदाहरण भी सरकारें समय-समय पर देती आई हैं।
धर्म परिवर्तन पर क्या मिलती है सजा
धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत इस कानून का उलंघन करने वाले को सजा का भी प्रवाधान किया गया है। कोई भी जो धर्म परिवर्तन करता है उसे तीन से पांच साल की जेल की सख्त सजा और 25 हजार रुपये जुर्माने का प्रवाधान है।वहीं धर्म परिवर्तन कराने वाले पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाने का प्रवाधान है।
-
Vijaypur Seat News: मुकेश मल्होत्रा की विधायकी बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने क्यों पलटा हाईकोर्ट का फैसला, जानिए -
LPG Cylinder: कमर्शियल गैस सिलेंडर पर सरकार का चौंकाने वाला फैसला, आज से बदल गए नियम! -
US Iran War Impact: LPG-Petrol के बाद ईरान बंद करेगा दुनिया का इंटरनेट? भारत में ये सेक्टर होंगे ठप! -
मौत से हुआ सामना? दुबई से हैदराबाद लौटीं सानिया मिर्जा, आपबीती सुनाते हुए बयां किया दर्द -
US Iran War: ईरान के हमलों के आगे बेबस Trump, हटाना पड़ा 100 साल पुराना कानून, अमेरिका में तेल-गैस की किल्लत? -
Iran Vs America: ईरान के बाद अब चीन पर कहर बनकर टूटेंगे ट्रंप! अमेरिकी रिपोर्ट के खुलासे से हड़कंप -
Parliament session: 'मोहब्बत हमसे, शादी मोदी से', राज्यसभा में बोले खड़गे, वायरल हुआ PM का रिएक्शन -
'वो मर्द शादीशुदा था, मैं उसके प्यार में पागल थी', फिर मिला ऐसा दर्द, 83 की उम्र में कुंवारी हैं ये एक्ट्रेस -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच लगातार गिर रहे सोने के भाव, अब 10 ग्राम की इतनी रह गई है कीमत, नए रेट -
UGC के नए नियमों पर आज फैसले की घड़ी! केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में देगी सफाई -
Saudi Arabia Eid Ul Fitr 2026 : सऊदी अरब में 20 मार्च को मनाई जाएगी ईद, भारत में कब दिखेगा चांद? -
Gold Rate Today: थमी सोने की रफ्तार, कीमतों में जबरदस्त गिरावट! खरीददारी से पहले चेक कर लें लेटेस्ट रेट












Click it and Unblock the Notifications