राहुल बोले 'मैं अन्ना हूं' पार्टियों से मांगा लोकपाल बिल पर समर्थन

Rahul Gandhi Anna Hazare
नई दिल्ली। कल तक किस लोकपाल बिल को लेकर केंद्र सरकार और अन्ना हजारे के बीच टकरार चल रही थी, आज उसी पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और समाजसेवी अन्ना हजारे दोनों का रुख बदल गया है। अन्ना जहां सरकारी लोकपाल बिल को स्वीकार करने के लिये राजी हो गये हैं, वहीं राहुल लोकपाल बिल पास करने के लिये अन्य दलों से समर्थन मांग रहे हैं। इन सबके बीच आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल हैरान हैं कि आखिर सब कुछ अचानक कैसे बदलने लगा। यह कहना गलत नहीं होगा कि अब राहुल भी कहीं न कहीं कहने लगे हैं, "मैं अन्ना हूं"।

पहले बात करते हैं अन्ना की- रालेगण सिद्धी में अनशन पर बैठे अन्ना ने कहा कि अगर सरकार खुद का लाया हुआ लोकपाल बिल भी पारित कर देती है, तो वह अपना अनशन तोड़ देंगे। इससे यह साफ है कि अन्ना अब सरकारी लोकपाल बिल के खिलाफ नहीं हैं। खास बात यह है कि इस बिल पर अब सरकार के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी भी खासी उतावली दिखाई दे रही है। जो विरोध कर रहे हैं उनमें मुलायम सिंह यादव और मायावती का नाम सबसे ऊपर है।

बदल गये राहुल गांधी

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में गंभीर हथियार बताते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को सभी राजनीतिक दलों से समर्थन मांगा। राहुल की यह अपील विधेयक पर राज्यसभा में सोमवार को होने जा रही चर्चा के पूर्व आई है सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा ने विरोधी संकेत दिया तो मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने कहा कि वह बिना चर्चा के ही विधेयक को पारित करने के लिए तैयार है।

अब यह चार राज्यों में मिली हार का नतीजा है या आने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी, राहुल गांधी की सोच अब बदल चुकी है। कांग्रेस मुख्यालय में वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और कानून मंत्री कपिल सिब्बल और प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रभारी राज्य मंत्री वी. नारायणसामी के साथ मीडिया से मुखातिब राहुल ने कहा कि यह 'राष्ट्रीय महत्व' का मामला है और यह 'भ्रष्टाचार के मुद्दे को पूरी तरह बदल कर रख देगा। हमारा काम भ्रष्टाचार से लड़ने वाला बुनियादी ढांचा तैयार करने का है और वह हमने किया है..अन्ना उपवास कर रहे हैं, यही उनका दृष्टिकोण है। हमारा काम एक शक्तिशाली लोकपाल विधेयक देना है और इसके लिए हमें राजनीतिक दलों से एक प्रतिशत आगे आने की दरकार है। और मुझे पूरा विश्वास है कि यदि हम मिलकर काम करें तो हम इसे कर सकते हैं।"

उन्होंने कहा, "विधेयक पर हमारी व्यापक सहमति है। कांग्रेस पार्टी इस विधेयक का पूरा समर्थन करती है और हम चाहते हैं कि विपक्षी पार्टी और अन्य दल हमारे साथ मिलकर इसे संसद में पारित कराने में हमारी मदद करें।" राहुल ने कहा, "मेरी नजर में अत्यंत महत्वपूर्ण इस विधेयक को यदि सभी पार्टियों का समर्थन मिले तो हम उसे पारित कराने में कामयाब होंगे। 'राष्ट्रीय महत्व' के विधेयक को पारित कराने में 'सभी पार्टियों को अपनी चिंताओं को किनारे रख कर हमें समर्थन देना चाहिए।"

केजरीवा चकित

अरविंद केजरीवाल ने अन्ना के नए रुख पर आश्चर्य व्यक्त किया और कहा कि उन्हें भरमाया जा रहा है। केजरीवाल ने ट्वीट किया, "मुझे सचमुच हैरानी है। अन्ना भला सरकारी बिल कैसे स्वीकार कर सकते हैं। सरकारी लोकपाल जोकपाल है। आखिर अन्ना को कौन भरमा रहा है। मैं बेहद दुखी हूं। अगस्त 2011 को सरकार के साथ जिन तीन शर्तों के बाद अन्ना ने अपना अनशन तोड़ा था, वो इस बिल में नहीं हैं। अन्ना चाहे जो कहें हम अंतिम दम तक जनलोकपाल की लड़ाई लड़ते रहेंगे।"

सुषमा स्वराज का समर्थन

नेता विपक्ष व भाजपा की नेता सुषमा स्वराज ने कहा है कि सरकार के लोकपाल बिल पर उनकी पार्टी बिना चर्चा के पास करने के लिये तैयार है। सच पूछिए तो भाजपा के ये स्वर इसलिये सुनाई पड़ रहे हैं, क्योंकि वो जानती है कि लोकपाल बिल का समर्थन करके ही वो 2014 में वोट मांग सकेगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+