आंध्र प्रदेश सरकार 9 दिसंबर से कराने जा रही जाति जनगणना, राज्य बन जाएगा आदर्श मॉडल
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के प्रतिनिधित्व वाले मंत्रीमंडल की मोहर लगने के कुछ सप्ताह बाद प्रदेश सरकार ने जातिगग जनगणना करवाने की तारीख का ऐलान कर दिया है। जाति्रम जनगणना की तारीख की घोषणा पिछड़ा वर्ग (बीसी) कल्याण मंत्री चौधरी श्रीनिवास वेणुगोपाला कृष्णा ने शुक्रवार को दी।

मंत्री ने बताया व्यापक जाति जनगणना पहले 27 नवंबर से राज्य में होने वाली थी लेकिन अब 9 दिसंबर 2023 से आयोजित की जाएगी। सबसे पहले सरकार ने 21 नवंबर को जाति जनगणना कराने का निर्णय लिया था लेकिन बाद में तारीख में बदलाव करते हुए इसे 27 नवंबर तक के लिए टाल दिया। यह अभ्यास पांच ग्राम/वार्ड सचिवालयों के अधिकार क्षेत्र के तहत पायलट आधार पर आयोजित किया गया था।
ताडेपल्ली में वाईएसआरसी के सेंट्रल ऑफिस में आयोजित पत्रकार वार्ता में वेणुगोपाल कृष्ण ने कहा कि आजादी के बाद से देश में जातिगत जनगणना नहीं की गई है। ये अभ्यास सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करेगा।
मंत्री ने बताया आंध्र प्रदेश के अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्ययन किया कि बिहार में जाति जनगणना कैसे आयोजित किया ताकि आंध्र प्रदेश में ये सफलतापूर्वक आयोजित किया जा सके।
टीडीपी के इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कि राज्य सरकार हितधारकों से सुझाव लिए बिना जाति जनगणना कर रही है, इस आरोप का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि क्षेत्रीय स्तर पर अब तक पांच जगहों पर बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इसके अलावा सुझााव के लिए सरकार ने अधिकारियों और जाति संघों के नेताओं के साथ जिला-स्तरीय बैठकें भी आयोजित की गईं। उन्होंने बताया हम मंडल स्तर पर बैठकें आयोजित करने पर विचार कर रहे हैं।'
मंत्री ने कहा विपक्षी पार्टी टीडीपी को मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के फैसले पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है, उन्होंने कहा कि जाति जनगणना के संचालन में एपी अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श मॉडल बन जाएगा।












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