अनंत अंबानी ने तिरुपति में कराया मुंडन, लंबे बालों का लुक छोड़, सादगी से निभाई बरसों पुरानी परंपरा
Anant Ambani: रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी रविवार को आंध्र प्रदेश के मशहूर तिरुमला श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर पहुंचे। इस खास यात्रा के दौरान उन्होंने न केवल भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए, बल्कि एक पुरानी परंपरा को निभाते हुए अपना मुंडन भी करवाया। सुबह की सुप्रभात सेवा में शामिल होने के बाद, उन्होंने अपनी गहरी आस्था के चलते अपने बाल भगवान के चरणों में चढ़ा दिए। पिछले कुछ सालों से अनंत अंबानी के लंबे बाल उनकी एक बड़ी पहचान बन चुके थे, ऐसे में उनका यह सादगी भरा फैसला सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के बीच खूब चर्चा में है। तिरुपति मंदिर में मुंडन कराने की इस बरसों पुरानी परंपरा को घमंड और मोह-माया को छोड़ने का प्रतीक माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, तिरुमला की इस पवित्र भूमि पर सिर मुंडवाना अपने आप को पूरी तरह भगवान के चरणों में सौंपने का सबसे बड़ा जरिया माना गया है। हर दिन देश-विदेश से आने वाले हजारों श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी होने पर या भगवान को धन्यवाद देने के लिए अपने बाल दान करते हैं। अनंत अंबानी ने भी बेहद सादगी और विनम्रता के साथ इस परंपरा को निभाया। उनका मानना है कि भगवान के दरबार में आकर हर इंसान बाहरी चमक-दमक छोड़कर एक समान हो जाता है। सिर मुंडवाने से मन का घमंड दूर होता है और सच्ची शांति मिलती है।

पर्यावरण की सुरक्षा और मंदिर के लिए बड़ा दान
दर्शन करने के साथ ही अनंत अंबानी ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की भलाई के लिए एक बड़ा एलान भी किया। उन्होंने बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की तरफ से मंदिर ट्रस्ट को लगभग 27.5 करोड़ रुपये की लागत वाली 25 आधुनिक इलेक्ट्रिक बसें दान में दी जाएंगी। इन ईको-फ्रेंडली बसों के चलने से तिरुमला की सुंदर पहाड़ियों पर यात्रा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं को प्रदूषण मुक्त सफर की सुविधा मिलेगी, जिससे पहाड़ी इलाके का प्राकृतिक माहौल भी पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज सिर्फ इन बसों को दान ही नहीं करेगी, बल्कि इनके लंबे समय तक और सही ढंग से चलने की पूरी जिम्मेदारी भी खुद संभालेगी। कंपनी इन बसों को चलाने के लिए रखे जाने वाले 50 ड्राइवरों की हर महीने की सैलरी, भत्ते और हेल्थ बेनिफिट्स का पूरा खर्च खुद उठाएगी। इसके साथ ही, अनंत अंबानी ने तिरुमला के इस पहाड़ी इलाके में सभी तरह के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन और जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में भी हर मुमकिन तकनीकी मदद देने की बात कही है।
रंगनायकला मंडपम में मिला आशीर्वाद
मंदिर के मुख्य गर्भगृह में दर्शन और पूजा करने के बाद, अनंत अंबानी को मंदिर परिसर के अंदर बने ऐतिहासिक रंगनायकला मंडपम में ले जाया गया। वहां मौजूद मंदिर के पुजारियों और पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ उन्हें आशीर्वाद दिया और उनके अच्छे भविष्य की कामना की। इसके बाद, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के बड़े अधिकारियों ने उन्हें भगवान वेंकटेश्वर का प्रसाद दिया और एक विशेष सिल्क शॉल ओढ़ाकर उनका सम्मान किया।
आध्यात्मिक सफर और बेजुबानों की सेवा की अनूठी मिसाल
अनंत अंबानी का झुकाव हमेशा से भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म की परंपराओं और पूजा-पाठ की तरफ रहा है। वह देश के अलग-अलग मशहूर और ऐतिहासिक मंदिरों में लगातार दर्शन के लिए जाते रहते हैं। भगवान श्रीकृष्ण और श्रीनाथजी के प्रति उनकी गहरी आस्था के बारे में सभी जानते हैं। वह कई बार अपनी इस भक्ति को खुलकर जाहिर भी कर चुके हैं। अपनी शादी से ठीक पहले भी उन्होंने अपनी गहरी आस्था दिखाते हुए गुजरात के मशहूर द्वारकाधीश मंदिर तक पैदल चलकर यात्रा पूरी की थी, जो उनके अध्यात्म के प्रति लगाव को दिखाती है।
धार्मिक कामों के साथ-साथ अनंत अंबानी का जानवरों के प्रति दयालु मिजाज भी साफ दिखाई देता है। वन्यजीवों और लाचार जानवरों की मदद के लिए उन्होंने गुजरात के जामनगर में 'वनतारा' नाम से दुनिया का सबसे बड़ा पशु संरक्षण और इलाज केंद्र शुरू किया है। रिलायंस के सहयोग से चलने वाले इस बड़े प्रोजेक्ट की मदद से अब तक हजारों बेजुबान हाथियों, पक्षियों और अन्य जानवरों को बचाकर नई जिंदगी दी जा चुकी है, जो हर जीव के प्रति उनकी दया की भावना को दिखाता है।
तिरुपति देवस्थानम की इस पावन यात्रा, वहां किए गए मुंडन संस्कार और पर्यावरण को बचाने के लिए बसों के इतने बड़े दान ने अनंत अंबानी के जमीन से जुड़े मिजाज को एक बार फिर साफ किया है। उनकी यह यात्रा दिखाती है कि दुनिया के इतने बड़े बिजनेस घराने से जुड़े होने के बाद भी वह अपनी धार्मिक आस्थाओं, पुरानी मान्यताओं और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं।













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