राफेल विवाद: आनंद शर्मा बोले, फ्रांस के राष्ट्रपति ने गोपनीयता की बाध्यता से किया था इनकार
नई दिल्ली। लोकसभा में शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा फ्रांस के खरीदे जा रहे लड़ाकू विमान राफेल पर मोदी सरकार को घेरा था। जिसके बाद विवाद उठ खड़ा हुआ था। इसी पर शनिवार को कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि, फ्रांस के राष्ट्रपति ने राहुल गांधी के साथ बैठक के दौरान राफेल विमानों की प्राइस जाहिर करने को लेकर किसी भी तरह की गोपनीयता की बाध्यता से इनकार किया था, इस बैठक में मैं और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी मौजूद थे।

आनंद शर्मा ने कहा कि, एक गोपनीय जानकारी है और एक कमर्शियल जानकारी है जो एयरक्राफ्ट के पैरामीटर और मूल्य के लिए है। राहुल गांधी ने फ्रांस के राष्ट्रपति से गोपनीय जानकारी के बारे में नहीं पूछा था। वहीं फ्रांसीसी सरकार ने भी यह कहा है कि केवल वर्गीकृत जानकारी का खुलासा नहीं किया जा सकता है।
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा था कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उनसे कहा है कि राफेल जेट विमान पर भारत के साथ उनका कोई भी गोपनीय समझौता नहीं हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बारे में देश से झूठ बोला है।
राहुल ने लोकसभा में सत्ता पक्ष पर जोरदार हमला करते हुए कहा था, "मैंने व्यक्तिगत तौर पर फ्रांस के राष्ट्रपति से मुलाकात की और उनसे पूछा कि क्या भारत के साथ कोई गोपनीय समझौता हुआ है। उन्होंने मुझसे कहा कि ऐसा कोई भी गोपनीय समझौता दोनों देश के बीच नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा कहना में कोई हिचक नहीं है और मैं ऐसा देश को बता सकता हूं।
राहुल के भाषण के बाद निर्मला सीतारमण ने कहा, फ्रांस के साथ सीक्रेसी एग्रीमेंट पर 2008 में दस्तखत हुए थे। इस समझौते के दायरे में राफेल डील भी आती थी। समझौते पर तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी ने दस्तखत किए थे।












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