'अगर गृह मंत्री उस फैसले को', अमित शाह के आरोपों पर राष्ट्रपति उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी ने दिया जवाब
Sudarshan Reddy, Vice Presidential Candidate: जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाला है। 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए भाजपा ने एनडीए की ओर से सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बताया है और विपक्षी इंडिया गठबंधन ने बी सुदर्शन रेड्डी को इस पद के लिए उम्मीदवार बनाय है।
विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस आरोप पर कि कांग्रेस ने "नक्सलवादी सोच" वाले व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया है (क्योंकि रेड्डी उस सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हिस्सा थे जिसमें सलवा जुडूम को असंवैधानिक ठहराया गया था)। शाह के इस आरोप पर सुदर्शन रेड्डी ने अब खुलकर जवाब दिया है।

आज तक को दिए इंटरव्यू में विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने अपनी उम्मीदवारी को सैद्धांतिक प्रतिस्पर्धा" बताया है। उन्होंने साफ किया कि वो किसी भी राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं हैं और न ही ऐसा करने का उनका कोई इरादा है।
अमित शाह के आरोप का जवाब देते हुए सुदर्शन रेड्डी ने कहा "सलवा जुडूम पर दिया गया फैसला सुप्रीम कोर्ट का था, केवल मैंने लिखा था। यह मेरा व्यक्तिगत जजमेंट नहीं था। अगर गृह मंत्री उस फैसले को पढ़ लें तो स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।"
सुदर्शन रेड्डी ने अमित शाह से सवाल किया कि वे इतने सालों तक चुप क्यों रहे। उन्होंने कहा, "मैं यहीं भारत में था, तब उन्होंने क्यों नहीं कहा कि नक्सलवाद मेरे कारण खत्म नहीं हुआ। अब वह इसे मुद्दा बना रहे हैं, उन्हें हक है, बना सकते हैं। लेकिन इतने साल तक चुप क्यों रहे?"
सुदर्शन रेड्डी बोले- एक लिबरल कॉन्स्टिट्यूशनल डेमोक्रेट हूं
सुदर्शन रेड्डी ने कहा उपराष्ट्रपति का चुनाव राजनीतिक दलों द्वारा नहीं सांसदों द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा मेरी विचारधारा पूरी तरह से भारतीय संविधान पर आधारित है। उन्होंने बताया कि वे 50 से अधिक वर्षों से संविधान की एक प्रति अपने साथ रखते हैं, क्योंकि उनके लिए इसमें हर प्रश्न का उत्तर निहित है। उन्होंने कहा, "मैं एक लिबरल कॉन्स्टिट्यूशनल डेमोक्रेट हूं और मेरा विश्वास सिर्फ संविधान पर है।"
दो दक्षिण भारतीयों के बीच मुकाबले पर क्या बोले सुदर्शन रेउ्डी
"संघ बनाम संविधान" की बहस पर टिप्पणी करते हुए, जिसे विपक्ष ने इस चुनाव के मुख्य विषय के रूप में प्रस्तुत किया है, रेड्डी ने कहा कि यह किसी राज्य की पहचान या "तेलुगु प्राइड बनाम तमिल प्राइड" का मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा, "हम सब भारतीय नागरिक हैं। किसी का तमिलनाडु में जन्म हुआ और मेरा तेलंगाना में, इसमें गर्व या प्रतिस्पर्धा जैसी कोई बात नहीं है।"
चंद्रबाबू नायडू के रुख पर क्या बोले सुदर्शन?
चंद्रबाबू नायडू के रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए, रेड्डी ने स्वीकार किया कि तेलुगु देशम पार्टी "तेलुगु प्राइड" के नारे के साथ बनी थी, लेकिन मौजूदा उपराष्ट्रपति चुनाव को इस संदर्भ में देखना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि वे सभी दलों के सांसदों से समर्थन मांगेंगे क्योंकि वे किसी एक दल के प्रतिनिधि नहीं हैं।
सुदर्शन बोले- मैं एनडीए सांसदों से वोट की अपील करूंगा
समर्थन जुटाने की अपनी कोशिशों के बारे में रेड्डी ने बताया कि विपक्षी दलों के अलावा, वे बीआरएस और वाईएसआरसीपी जैसे क्षेत्रीय दलों से भी बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं सभी सांसदों को लिखूंगा, चाहे वे किसी भी दल के हों, यहां तक कि एनडीए सांसदों को भी अपील करूंगा कि वे मुझे वोट दें।"
मुझे विश्वास है कि हम सफल होंगे
पिछली बार गोपालकृष्ण गांधी को क्रॉस वोटिंग के कारण कम वोट मिलने की स्थिति पर जब उनसे पूछा गया कि क्या इस बार भी वही स्थिति रहेगी, तो रेड्डी ने कहा, "मैं इस पर अटकलें नहीं लगाना चाहता, लेकिन मुझे विश्वास है कि हम सफल होंगे।"












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