'NRC पर कोई चर्चा नहीं हुई' के पीएम मोदी के बयान पर अमित शाह ने कही ये बात
नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) पर अभी किसी तरह की चर्चा की जरूरत नहीं है। अमित शाह ने पीएम मोदी के एनआरसी के बयान पर कहा कि एनआरसी पर बहस करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि अभी इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है। प्रधानमंत्री ने सही कहा था इस पर न तो संसद में चर्चा हुई है और न ही मंत्रिमंडल में। एएनआई को दिए इंटरव्यू में अमित शाह ने ये बात कही है।
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दरअसल शीतकालीन सत्र में सदन के भीतर गृहमंत्री अमित शाह ने देशभर में एनआरसी लाने की बात कही थी। वहीं हाल ही में एक चुनावी रैली में मोदी ने कहा कि इस मुद्दे पर उनके मंत्रिमंडल में कोई चर्चा नहीं हुई है। इसी को लेकर शाह से सवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि मोदी ही ठीक हैं। शाह ने कहा कि नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर अफवाहें फैलाई गईं, किसी की नागरिकता लेने का कानून हम नहीं लाए हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के अपडेशन को भी मंजूरी दी है। इसको लेकर शाह ने कहा, मैं स्पष्ट रूप से बता रहा हूं नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर का आपस में कोई संबंध नहीं है। एनपीआर के लिए अभी जो प्रक्रिया चल रही है इसका कभी भी एनआरसी के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता है। 2010 में जब जनगणना हुई तब इसके साथ एनपीआर को किया गया था। इसलिए अब 2020 में जब फिर से जनगणना हो रही है तो एनपीआर किया जा रहा है।
डेटा के राजनीति के लिए इस्तेमाल पर अमित शाह ने कहा कि दोनों कानून अलग हैं। एनपीआर का कोई सर्वे कभी एनआरसी में काम आ ही नहीं सकता। इसका उपयोग एनआरसी में नहीं हो सकता है। एनपीआर और एनआरसी के बीच कोई संबंध ही नहीं है। हम एनपीआर को लेकर सभी मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे। नहीं चाहता कि बंगाल के और केरल के गरीब इससे वंचित रह जाए।












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