वो 8 खास बातें, जिनके बल पर अमित शाह ने भाजपा को बुलंदियों पर पहुंचाया
नई दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को पार्टी प्रमुख के रूप में तीन साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर गुजरात के विधायकों ने उन्हें राज्यसभा भेजकर एक बड़ा तोहफा दिया है। वहीं पीएम मोदी ने भी पार्टी अध्यक्ष के पद पर 3 साल पूरे करने और गुजरात की तरफ से राज्य सभा में चुने जाने के लिए अमित शाह को बधाई दी है। आइए जानते हैं अमित शाह की 8 बड़ी बातें, जो उन्हें बनाती हैं दूसरों से बिल्कुल अलग।

800 बैठकें कीं
1- अमित शाह ने 16 राज्यों में अलग-अलग स्तर पर 800 बैठकें कीं। रिकॉर्ड के हिसाब से अपने इन तीन सालों में वह बेहद व्यस्त व्यक्ति रहे हैं।
2- अपने तीन साल के कार्यकाल में अमित शाह ने पूरे देश में करीब 575 रैली या पब्लिक मीटिंग भी की हैं।
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आरएसएस के साथ कोऑर्डिनेशन
3- इन तीन सालों के अंदर अमित शाह ने मोदी सरकार और आरएसएस के बीच आपसी सहयोग बनाया। तीन साल के दौरान अमित शाह ने भाजपा और आरएसए के बीच कोऑर्डिशेन के लिए कुल 82 बैठकें कीं।
4- सूत्रों की मानें तो भाजपा अध्यक्ष के तौर पर अमित शाह ने पीएम मोदी और वरिष्ठ केन्द्रीय मंत्रियों के साथ कई मुद्दों पर लगभग 100 मीटिंग की हैं। मार्च 2017 तक उन्होंने ऐसी कुल 105 मीटिंग की हैं।

अहम मुद्दों पर बैठकें
5- इस पूरे समय के दौरान उन्होंने भाजपा के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कुल 44 बैठकें की हैं।
6- इसके अलावा उन्होंने कई अहम मुद्दों जैसे वन रैंक वन पेंशन, भूमि अधिग्रहण, जाट रिजर्वेशन, एनजेएसी, योगा डे, मुद्रा स्कीम आदि को लेकर भी 75 बैठकें कीं।

ट्रेनर की भूमिका भी निभाई
7- अमित शाह उन लोगों के लिए एक ट्रेनर का भी काम करते रहे जो उनकी किसी राज्य यात्रा के दौरान पूरे समय पार्टी के लिए काम करने के उद्देश्य से पार्टी से जुड़े। वह सिर्फ उन लोगों को ट्रेनिंग देते थे, जो कम से कम पार्टी के लिए 6 महीने तक काम करने के उद्देश्य से पार्टी से जुड़े थे।
8- भाजपा अध्यक्ष के तौर पर अमित शाह ने देश के कुल 680 जिलों में से 325 जिलों का दौरा किया है।












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