West Bengal चुनाव में BJP की जीत के असली हीरो Amit Shah, यूं ही नहीं भाजपा ने फतेह किया बंगाल

Amit Shah Bengal Strategy: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 206 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल की है। पश्चिम बंगाल में पहली बार भगवा दल की सरकार बनने जा रही है। पश्चिम बंगाल की 293 सीटों में भाजपा ने जहां 206 सीटें जीती हैं वहीं ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 81 सीट पर ही सिमट गई है। कांग्रेस महज 2 और अन्‍य के खाते में 4 सीटें आई हैं।

पश्चिम बंगाल में भाजपा की इस प्रंचड जीत के केंद्र में गृह मंत्री Amit Shah की रणनीति और नेतृत्व को सबसे अहम माना जा रहा है। पूरे चुनाव अभियान की कमान उनके हाथों में रही। यह जीत सिर्फ चुनावी लहर का नतीजा नहीं, बल्कि महीनों तक चली रणनीति, संगठनात्मक मेहनत और जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। आइए समझते हैं वो फैक्‍टर जिसकी वजह से सालों के इंतजार के बाद पश्चिम बंगाल में भगवा लहराया?

Amit Shah West Bengal

'साइलेंट हीरो' की टीम तैयार करने में शाह की भूमिका

इस जीत के पीछे जिन नेताओं को "साइलेंट हीरो" कहा जा रहा है, उनकी टीम भी खुद अमित शाह ने तैयार की थी। Suvendu Adhikari और Dilip Ghosh जैसे स्थानीय चेहरों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ Mangal Pandey को राज्य प्रभारी बनाना भी उनकी रणनीति का हिस्सा था।

चुनावी रणनीति में करीबी सहयोगियों पर भरोसा

अमित शाह ने इस चुनाव में अपने भरोसेमंद नेताओं पर दांव खेला। Bhupender Yadav, जिन्हें एक कुशल चुनावी रणनीतिकार माना जाता है, ने हरियाणा और महाराष्ट्र के बाद बंगाल में भी अपनी रणनीति से प्रभाव छोड़ा।

पश्चिम बंगाल में डेरा जमाए रहे अमित शाह

अमित शाह ने चुनाव के दौरान लगभग 15 दिनों तक पश्चिम बंगाल में लगातार डेरा डाले रखा। इस दौरान उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया। भाजपा ने राज्य में अपने संगठनात्मक ढांचे का पुनर्गठन किया, जिसमें स्थानीय नेताओं को आगे बढ़ाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति शामिल थी।

भाजपा का संगठनात्‍मक पुनगर्ठन

संगठन स्तर पर भी शाह की योजना स्पष्ट दिखी। Sunil Bansal ने महीनों तक बंगाल में रहकर संगठन को धार दी, जबकि Biplab Kumar Deb सह-प्रभारी के रूप में लगातार सक्रिय रहे। ये सभी नेता सीधे अमित शाह को रिपोर्ट कर रहे थे। परिणामस्वरूप, पार्टी ने कई क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत की, जहां पहले उसका कोई खास आधार नहीं था।

कानून-व्यवस्था और सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया

भाजपा ने कानून-व्यवस्था, राजनीतिक हिंसा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इसके अलावा पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार में मुख्य रूप से घुसपैठ और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का मुद्दा उठाया और दावा किया कि राज्य में बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ बड़ी समस्या है जिसे रोकना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर CAA लागू किया जाएगा और कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

अमित शाह ने बंगाल की जनता को दिया ये भरोसा

अमित शाह ने महिलाओं की सुरक्षा को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया और कहा कि बंगाल में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। इसके अलावा उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार, कट-मनी, राजनीतिक हिंसा और खराब शासन के आरोप लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में विकास और रोजगार की स्थिति कमजोर है और भाजपा आने पर निवेश, उद्योग और सुरक्षा में सुधार होगा।

अमित शाह का आक्रामक चुनाव अभियान

अमित शाह के लगातार बंगाल दौरे इस चुनाव की बड़ी खासियत रहे। उन्होंने न सिर्फ रैलियों के जरिए माहौल बनाया, बल्कि मतदान के बाद कोलकाता में रणनीतिक बैठकों के जरिए अंतिम चरण तक निगरानी बनाए रखी। इससे चुनावी प्रबंधन में कोई ढील नहीं आई।

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